रक्षाबंधन के मौके पर बाड़मेर में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का एक भावुक दृश्य सामने आया। शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने जिले की एक दिव्यांग महिला के घर पहुंचकर उसके साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। महिला ने दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद अपने पैरों से विधायक की कलाई पर राखी बांधी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए। महिला की निजता को ध्यान में रखते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
हादसे में गंवाए दोनों हाथ, हौसला नहीं हारा
जानकारी के अनुसार, बाड़मेर जिले के हापो की ढाणी गांव की रहने वाली महिला ने वर्ष 2013 में एक हादसे में अपने दोनों हाथ खो दिए थे। वह अपने खेत में बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान विद्युत पोल के तार की चपेट में आने से गंभीर हादसा हो गया और उसे अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े।
हादसे के बाद डिस्कॉम की ओर से उसे साढ़े चार लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था। परिवार ने इन पैसों को मुनाफे के लिए एक निजी बैंक में जमा कराया, लेकिन बाद में बैंक डूब गया। महिला का आरोप है कि बैंक के एजेंट ने जमा राशि वापस देने से इनकार कर दिया। इसके बाद से वह अपने पैसे वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है।
पैरों से राखी बांधकर पेश की मिसाल
तमाम मुश्किलों के बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बीए तक की पढ़ाई पूरी की है। रक्षाबंधन के दिन उसने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए पैरों से विधायक रविंद्र सिंह भाटी की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। महिला ने पूरे उत्साह और भावनाओं के साथ विधायक भाटी को भाई मानकर राखी बांधी। इसके बाद विधायक ने भी बहन के सिर पर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद दिया। इस दौरान दोनों के बीच भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता साफ नजर आई।
विधायक ने कहा- बहन की राखी का जीवनभर रखूंगा मान
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने महिला के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि उनका संघर्ष अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि बहन ने जो राखी का धागा उनकी कलाई पर बांधा है, उसका वह जीवनभर मान रखेंगे। भाटी ने कहा कि जहां भी भाई की जरूरत होगी, वह अपनी बहन के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। रक्षाबंधन के इस भावुक पल ने भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और संकल्प की भावना को सामने रखा।