अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल के पीआईसीयू में आत्महत्या करने वाले युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आने पर एक सरकारी नर्सिंग ऑफिसर और एक महिला को गिरफ्तार किया है।
थाना प्रभारी रामेश्वर लाल ने बताया कि यह घटना 8 मार्च की है। भरतपुर निवासी रोहिताश ने अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके से मिला सुसाइड नोट मामले की कड़ी बन गया, जिसमें आत्महत्या के पीछे मानसिक तनाव और ब्लैकमेलिंग का जिक्र था।
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जांच में सामने आया कि सरकारी नर्सिंग ऑफिसर शिवचरण गुर्जर और उसकी सहयोगी शारिका मेव ने रोहिताश को कथित रूप से हनी ट्रैप में फंसाया और प्लॉट व 15,000 रुपयों की मांग करते हुए ब्लैकमेल किया। इतना ही नहीं मृतक की पत्नी को भी कॉल कर धमकाया गया, जिससे परिवार पर मानसिक दबाव और बढ़ गया।
रोहिताश के भाई ने आत्महत्या के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसका भाई लगातार मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का शिकार था। इसी के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही अन्य संबंधित पहलुओं को भी उजागर किया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।