मध्यप्रदेश के मैहर स्थित प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर की पहाड़ी और आसपास के वन क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मंदिर परिसर और पहाड़ी क्षेत्र में तेंदुए के दिखाई देने से जुड़े कई वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग की टीम अब तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के साथ उसकी सुरक्षित रेस्क्यू की तैयारी में जुटी है तेंदुए की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने मंदिर क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाने का निर्णय लिया है। इन कैमरों के जरिए तेंदुए की गतिविधियों, उसके आने-जाने के रास्तों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मंदिर क्षेत्र में कुल 20 कैमरे लगाए जाने हैं, जिनमें से 4 कैमरे अब तक लगाए जा चुके हैं।
वन मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर लगाए जा रहे कैमरे
वन विभाग द्वारा मंदिर की पहाड़ी के उन हिस्सों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां तेंदुए की आवाजाही की संभावना अधिक है। वन मार्गों, पहाड़ी क्षेत्र के रास्तों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं इन कैमरों से मिलने वाले फुटेज की लगातार निगरानी की जाएगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि तेंदुआ किस दिशा से मंदिर क्षेत्र में पहुंच रहा है, किन रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है और दिन या रात के किस समय उसकी गतिविधियां अधिक रहती हैं।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ाई गई निगरानी
मां शारदा मंदिर की पहाड़ी और सीढ़ियों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेंदुआ मंदिर क्षेत्र के आसपास दिखाई देता नजर आया था मंदिर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए उसकी निगरानी कर रहा है, ताकि इंसानों और वन्यजीव के बीच किसी तरह का टकराव न हो।
डीएफओ ने बताया- 20 कैमरों से होगी निगरानी
वन विभाग के डीएफओ विद्या भूषण मिश्रा के मुताबिक, तेंदुए की निगरानी के लिए मंदिर क्षेत्र में कुल 20 कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें से चार कैमरे अभी तक इंस्टॉल किए जा चुके हैं। बाकी कैमरों को भी चिन्हित स्थानों पर लगाया जा रहा है डीएफओ के अनुसार कैमरों के माध्यम से तेंदुए की लोकेशन और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी। इससे रेस्क्यू अभियान की रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
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लोकेशन और ठिकाने की जानकारी जुटाने के बाद रेस्क्यू
वन विभाग का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने या रेस्क्यू करने से पहले उसकी गतिविधियों और ठिकाने की सटीक जानकारी जुटाना जरूरी है। कैमरा ट्रैप से मिलने वाले फुटेज के आधार पर तेंदुए के मूवमेंट को ट्रैक किया जाएगा इसके बाद वन विभाग की टीम परिस्थितियों का आकलन कर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कार्रवाई करेगी। विभाग का उद्देश्य यह है कि रेस्क्यू के दौरान तेंदुए और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही गश्त
कैमरों के अलावा वन विभाग की टीम भी मंदिर की पहाड़ी और आसपास के क्षेत्र में निगरानी कर रही है। तेंदुए की मौजूदगी वाले संभावित स्थानों पर कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं अधिकारियों की नजर तेंदुए की गतिविधियों के साथ-साथ उन स्थानों पर भी है जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है। वन विभाग द्वारा तेंदुए की लोकेशन की जानकारी मिलने पर उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों से कहा गया है कि वे वन क्षेत्र या पहाड़ी के सुनसान हिस्सों में अकेले न जाएं और तेंदुए को देखने या उसका वीडियो बनाने के लिए उसके करीब जाने का प्रयास न करें यदि किसी व्यक्ति को मंदिर क्षेत्र या आसपास तेंदुआ दिखाई देता है तो वह तत्काल वन विभाग को सूचना दे। वन्यजीव से दूरी बनाए रखना और उसे घेरने या उकसाने से बचना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है।