मध्यप्रदेश के खंडवा नगर के बड़ा बम क्षेत्र से घंटाघर तक आतंकवाद के खिलाफ निकाली गई मशाल रैली के समापन पर, मशालों के ढेर में अचानक लगी आग से घायल हुए लोगों के हालचाल जानने खुद पुलिस अधीक्षक भी रात से दूसरी मर्तबा अस्पताल पहुंचे। यहां एसपी ने डॉक्टरों से घायलों के बारे में पूरी जानकारी लेकर उनकी स्थिति के बारे मे जाना।
मीडिया से बात करते हुए खंडवा एसपी मनोज राय ने इस घटना में किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया। साथ ही उन्होंने बताया कि जुलूस के समापन पर एक ही जगह बहुत सारी मशालें इकट्ठा हो गई थीं, जिनमें से कुछ मशालें पूरी तरह जली नहीं थीं, और उनका बुरादा या तेल जैसा पदार्थ वहां पड़ा हुआ था। सम्भवतः इसी तेल, भूसा और अन्य सामग्री होने की वजह से वहां गैस का वैक्यूम बना होगा और इसी के चलते वहां अचानक से लपटें भभक गईं। इसके कारण आसपास खड़े लोग उसकी चपेट में आ गए।
खंडवा एसपी ने बताया कि इस मशाल जुलूस की विधिवत अनुमति एसडीएम से ली गई थी, लेकिन इस जुलूस में कहां लापरवाही हुई है, इसका पता लगाया जा रहा है। यदि परमिशन में दर्ज कहीं किसी बात का उल्लंघन किया गया होगा तो निश्चित ही आयोजनकर्ता लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि फिलहाल उन्होंने इस घटना में किसी भी तरह की साजिश होने से तो इनकार किया है, वहीं डॉक्टर ने भी कहा है कि 16 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इनमें से कोई भी ज्यादा गंभीर नहीं है। बता दें कि इस घटना को लेकर खंडवा एसपी मनोज राय देर रात ही बता चुके थे कि मशाल जुलूस के समापन के समय कुछ मशालों के उल्टे होने के करण, उनका तेल और बुरादा भभक गया था, जिससे इस तरह का हादसा हुआ था।