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ओंकारेश्वर में हादसा: हेलीपैड का तीन क्विंटल वजनी गेट बच्चों पर गिरा, चार साल की दिव्या की मौत; भाई घायल

Sat, 12 Sep 2026 05:46 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 12 Sep 2026 05:46 PM IST
सार

ओंकारेश्वर के शिवाकोटी हेलीपैड के पीछे करीब तीन क्विंटल वजनी लोहे का गेट बच्चों पर गिर गया। हादसे में चार वर्षीय दिव्या की मौत हो गई, जबकि उसका भाई यश घायल हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

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Three quintal gate at the Omkareshwar helipad collapsed on children four-year-old Divya died.
दम तोड़ गई चार साल की मासूम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ओंकारेश्वर से करीब पांच किलोमीटर दूर शिवाकोटी हेलीपैड के पीछे शनिवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। हेलीपैड की बाउंड्री पर लगा करीब तीन क्विंटल वजनी लोहे का गेट अचानक गिर गया। गेट की चपेट में आने से चार वर्षीय बालिका दिव्या की मौत हो गई, जबकि उसका भाई यश घायल हो गया। उपचार के बाद यश की हालत बेहतर बताई गई है।

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जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर दिव्या, उसका भाई यश और कुछ अन्य बच्चे हेलीपैड के पीछे गेट के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान गेट के रोलर के नट-बोल्ट निकल गए और भारी भरकम गेट बच्चों के ऊपर आ गिरा। हादसे में दिव्या और यश दोनों घायल हो गए। दिव्या के सिर में गंभीर चोट आई थी।

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युवकों ने गेट उठाकर बच्चों को बाहर निकाला
हादसे के समय पास में क्रिकेट खेल रहे शुभम, गणेश, अविनाश, सतीश, विजय सहित अन्य युवक मौके पर पहुंचे। युवकों ने किसी तरह भारी गेट को उठाकर बच्चों को उसके नीचे से बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी। दोनों बच्चों को उपचार के लिए ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सनावद रेफर किया गया। सनावद के अस्पताल में दिव्या को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यश के सिर में भी चोट आई थी। उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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परिजनों ने निर्माण की मजबूती पर उठाए सवाल
दिव्या के अंकल सुनील ठाकुर ने हेलीपैड परिसर में लगाए गए गेट की मजबूती पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर आगमन के दौरान पीडब्ल्यूडी की ओर से हेलीपैड के पीछे बाउंड्री वॉल और गेट का निर्माण कराया गया था। परिजनों का कहना है कि यदि करीब तीन क्विंटल वजन का गेट मजबूत तरीके से लगाया गया था तो बच्चों के आसपास खेलने के दौरान उसके गिरने की स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। उन्होंने हादसे की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल
परिजनों ने ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था और एंबुलेंस सुविधा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दोनों बच्चों को बेहतर उपचार के लिए सनावद ले जाने की सलाह दी गई और एंबुलेंस मिलने में भी समय लगा। परिजनों ने गंभीर मरीजों के लिए स्थानीय स्तर पर तत्काल चिकित्सा और परिवहन व्यवस्था बेहतर किए जाने की मांग की है।

ओंकारेश्वर के शासकीय अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर रवि वर्मा ने कहा कि बालिका को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए एंबुलेंस के माध्यम से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

पीडब्ल्यूडी ने आरोपों को बताया निराधार
पीडब्ल्यूडी खंडवा के कार्यपालन यंत्री नरेंद्र सिंह मंडलोई ने गेट की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार निर्माण कराया जाता है और शिवाकोटी हेलीपैड का गेट भी राष्ट्रपति के आगमन के समय मजबूती से लगाया गया था। मंडलोई के अनुसार राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में वाहन वहां से गुजरे थे और उस समय गेट में किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे गेट पर झूले की तरह खेल रहे थे तो उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से गेट को नुकसान हो सकता है।



पुलिस करेगी मामले की जांच
मांधाता थाना प्रभारी अनोख सिंधिया ने बताया कि हेलीपैड के पीछे लगे गेट के पास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान गेट गिरने से दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए। उपचार के दौरान दिव्या की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी।

बताया गया है कि हेलीपैड की बाउंड्री वॉल पर करीब 20 फीट चौड़ा लोहे का गेट लगाया गया है। इसके दूसरी ओर नर्मदा के डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर आए करीब 50 परिवार रहते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की आवाजाही वाले स्थान पर भारी गेट की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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