देहात थाना क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत एरोरा जमुनिया गांव में सोमवार शाम पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर 32 वर्षीय युवक पर कथित रूप से 10 से 15 लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि जंगल से भैंस लेकर घर लौट रहे युवक को वन विभाग की नर्सरी के पास घेरकर पीछे से सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।
जंगल से लौटते समय घेरने का आरोप
घायल की पहचान एरोरा जमुनिया निवासी गोलू यादव के रूप में हुई है। उसके भाई निलेश यादव ने आरोप लगाया कि सोमवार शाम गोलू जंगल से भैंस लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान वन विभाग की नर्सरी के पास लकी यादव, विनय यादव, विक्रम यादव और पूर्व सरपंच हाकम यादव समेत करीब 10 से 15 लोगों ने उसे घेर लिया।निलेश के मुताबिक, आरोपियों ने पीछे से गोलू के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला किया। इसके बाद बंदूक से फायरिंग किए जाने का भी आरोप लगाया गया। परिजनों का दावा है कि एक गोली गोलू के घुटने में लगी। हालांकि पुलिस और डॉक्टरों ने फिलहाल गोली लगने की पुष्टि नहीं की है।
परिजनों का आरोप- हत्या की नीयत से किया हमला
घायल के भाई का आरोप है कि हमलावर गोलू की हत्या करना चाहते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद जब परिजन मौके की ओर पहुंचे तो आरोपी धमकी देते हुए वहां से भाग गए। इसके बाद घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी हाकम यादव गांव का पूर्व सरपंच है और उसके साथियों का गांव में लंबे समय से दबदबा है। उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और लोगों को धमकाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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20 साल पुरानी सरपंची की रंजिश का दावा
परिवार के अनुसार, विवाद की जड़ करीब 20 साल पुरानी चुनावी रंजिश है। निलेश यादव ने बताया कि करीब दो दशक पहले उनके परिवार के एक सदस्य ने सरपंच का चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में हाकम यादव जीत गया था। परिवार का आरोप है कि चुनाव के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही है और इसी विवाद के चलते वर्तमान में हमला किया गया। परिजनों ने यह भी दावा किया कि मामले में आरोपी लकी यादव के खिलाफ पहले से हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामले दर्ज हैं तथा वह हाल ही में एक हत्या के मामले में जमानत पर बाहर आया है। इन दावों की पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड से होना बाकी है।
अस्पताल में मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंची घायल की मां शीलाबाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है। परिवार का आरोप है कि शिकायत करने पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर आरोपियों को पहले ही सूचना मिल जाती है, जिससे वे फरार हो जाते हैं। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों पर अपनी ओर से कोई पुष्टि नहीं की है।
पुलिस बोली- हवाई फायर की बात सामने आई, गोली लगने की पुष्टि नहीं
देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वन विभाग की नर्सरी के पास गोलू यादव के साथ लकी यादव, विनय यादव, विक्रम यादव और हाकम यादव द्वारा मारपीट किए जाने की जानकारी मिली है। पीड़ित पक्ष ने हवाई फायर किए जाने की बात कही है, लेकिन अभी तक गोली लगने जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है।थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को रवाना किया गया है।
डॉक्टर बोले- सिर और शरीर पर गंभीर चोटें
जिला अस्पताल में घायल का उपचार कर रहे डॉक्टर पीयूष निमाड़ी ने बताया कि एरोरा जमुनिया से एक युवक को गंभीर घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसके सिर और शरीर पर चोटें हैं और उसकी हालत गंभीर बताई गई है। परिजनों ने गोली लगने की बात कही है, लेकिन मेडिकल जांच के स्तर पर अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घायल की चोटों से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हमले की वास्तविक वजह और फायरिंग के आरोपों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।