{"_id":"6839a83d0915cbfb39055241","slug":"video-rampur-bushahr-sarkar-gaon-ke-dwar-program-organized-in-village-panchayat-nanhar-of-chaupal-subdivision-2025-05-30","type":"video","status":"publish","title_hn":"रामपुर बुशहर: चौपाल उपमंडल की ग्राम पंचायत नन्हार में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम आयोजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर बुशहर: चौपाल उपमंडल की ग्राम पंचायत नन्हार में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम आयोजित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निराकरण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है और इसी सोच के तहत सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम आरंभ किया गया है। शिक्षा मंत्री शुक्रवार को चौपाल उपमंडल की ग्राम पंचायत नन्हार में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम से चौपाल और विशेषकर नन्हार की जनता अवश्य रूप से लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जो भी मुमकिन होगा वह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन किसी भी क्षेत्र की पूंजी होती है इसलिए शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी सोच के साथ कार्य करते हुए सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। कार्यक्रम आरंभ होने से पूर्व केवल 3 शिकायतें पंजीकृत हुई थी, जिनका समाधान करने के लिए शिक्षा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम के दौरान भी कुछ लोगों ने अपनी समस्यायें शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी, जिनके समाधान के लिए भी उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान 23 से अधिक मांगें प्राप्त हुई जिन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। शिक्षा विभाग के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि विभाग गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए समर्पण से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2016 से लंबित बैकलॉग को क्लियर करते हुए लगभग 1900 प्रिंसिपल को नियमित किया गया है। इसी प्रकार, उपनिदेशक की पदोन्नति 5 वर्ष बाद हुई है। उन्होंने बताया कि जब वर्तमान प्रदेश सरकार बनी तब 105 कॉलेज बिना प्रिंसिपल के चल रहे थे, जिसके बाद प्रदेश के विभिन्न कॉलेज में प्रिंसिपल लगाये गये। शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीजीटी के 937 पदों को भरने की प्रक्रिया राज्य चयन आयोग के माध्यम से प्रारंभ की गई है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी पूरी होगी। इसी प्रकार, पीजीटी के 700 पद भरे गये हैं, जिसमें से अधिकतर को दूर दराज के क्षेत्रों में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पहली बार प्रदेश के लगभग 350 शिक्षकों को एक्सपोज़र विजिट पर सिंगापुर भेजा गया और इसी तरह मेधावी छात्रों के लिए भी एक्सपोज़र टूर का आयोजन किया गया। एनटीटी के 6200 से अधिक पद और आया के 6200 पद भरने की प्रक्रिया जारी है। 3800 पद की बैचवाइज नियुक्ति की गई है। प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही अंग्रेज़ी विषय को अनिवार्य किया है और स्मार्ट यूनिफॉर्म की शुरुआत भी की है। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक 9800 करोड़ रुपए का बजट शिक्षा विभाग का रखा है, जोकि पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।