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रामपुर बुशहर: किन्नौर के मोरंग में इष्ट देवता ओरमिक मंदिर की प्रतिष्ठा, आस्था के सैलाब से भक्तिमय हुआ पूरा गांव
Ankesh Dogra
Updated Sun, 06 Sep 2026 04:19 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में इन दिनों आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मोरंग गांव में इष्ट देवता ओरमिक जी के मंदिर की प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय धार्मिक समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पारंपरिक परिधानों में सजे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा मोरंग गांव भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
मंदिर प्रतिष्ठा समारोह में स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों की झलक भी देखने को मिल रही है। श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और देवी-देवताओं के साथ पारंपरिक नाटी डालकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों से समारोह का माहौल और भी जीवंत हो गया है।
मंदिर प्रांगण में पहुंचने पर इष्ट देवता ओरमिक जी की ओर से जाई, जनती, भांजा-भांजी और अन्य अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर प्रतिष्ठा समारोह को लेकर मोरंग के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार यह धार्मिक समारोह कुल तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाए जाएंगे। सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं के अनुरूप विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
समारोह में श्रद्धालुओं के लिए भजन-कीर्तन और भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेकर इष्ट देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
मोरंग में आयोजित यह समारोह केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि किन्नौर की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक एकजुटता की भी झलक पेश कर रहा है। पारंपरिक वेशभूषा, नाटी और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिल रहा है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मोरंग गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
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