{"_id":"694aaa09e3ec88f3c00f4402","slug":"video-farmers-fair-and-exhibition-was-organized-in-narwana-jind-on-farmers-day-2025-12-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"जींद के नरवाना में किसान दिवस पर किसान मेला व प्रदर्शनी का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद के नरवाना में किसान दिवस पर किसान मेला व प्रदर्शनी का आयोजन
किसान दिवस के उपलक्ष्य में पीएनबी किसान प्रशिक्षण केंद्र (एफटीसी) सच्चा खेड़ा एवं ब्रह्माकुमारीज़ नरवाना के संयुक्त तत्वावधान में सच्चा खेड़ा स्थित प्रशिक्षण केंद्र परिसर में किसान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक व जैविक खेती की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि ब्रह्माकुमारीज़ नरवाना सेवा केंद्र प्रभारी बीके सीमा दीदी एवं अन्य अतिथियों द्वारा रिबन काटकर तथा पौधारोपण कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष एवं पीएनबी एफटीसी सच्चा खेड़ा के निदेशक हितेश कालड़ा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए किसान दिवस की शुभकामनाएं दीं। मंच संचालन बीके पूजा बहन ने किया। मुख्य अतिथि बीके सीमा दीदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में खेती केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उपज की गुणवत्ता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विकसित शाश्वत यौगिक खेती को अपनाने का आह्वान किया। बीके मीना एवं पशुपालन विभाग के सेवा निवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. साधुराम शर्मा ने भी खेती में गुणवत्ता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ बलजीत लाठर (कृषि विभाग, हरियाणा) तथा जगतार सिंह (जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, करनाल) ने जैविक खेती की आधुनिक तकनीकों, कम लागत में अधिक उत्पादन तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैविक खेती से किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
पीएनबी एफटीसी के निदेशक हितेश कालड़ा ने किसानों को जैविक खेती से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं तकनीकी सहयोग के बारे में अवगत कराया। वहीं ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की बीके मीना एवं बीके पूजा ने किसानों को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता का महत्व समझाते हुए खेती को एक पवित्र एवं सतत जीवन पद्धति के रूप में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों ने जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया। किसान मेले में क्षेत्र के लगभग 200 किसानों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।