{"_id":"6aa2f78ae574f6f3240ffc60","slug":"administration-gears-up-for-paddy-jind-news-c-199-1-sroh1009-160037-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: धान खरीद से पहले प्रशासन ने कसी कमर, मंडियों की सफाई पर खर्च होंगे 27.49 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: धान खरीद से पहले प्रशासन ने कसी कमर, मंडियों की सफाई पर खर्च होंगे 27.49 लाख
विज्ञापन
10जेएनडी14: सफीदों अनाज मंडी। संवाद
जींद। जिले की मंडियों में धान की खरीद शुरू होने में करीब 20 दिन का समय बचा है, लेकिन प्रशासन के सामने इस बार खरीद व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती बन सकता है। एक ओर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने मंडियों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एक साल का टेंडर जारी कर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वहीं, दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर चल रही मिल संचालकों की हड़ताल ने धान खरीद को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। अब तक जिले की किसी भी मंडी से धान खरीद के लिए एक भी मिल संचालक ने पंजीकरण नहीं कराया है। धान की खरीद एक अक्तूबर 2026 से शुरू होना प्रस्तावित है।
मंडियों में किसानों के फसल लेकर पहुंचने से पहले सफाई, फड़, रास्तों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है। इसी को देखते हुए कृषि विपणन बोर्ड ने जिले की विभिन्न मंडियों में सफाई के लिए 27 लाख 49 हजार 746 रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत एक अक्तूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक मंडियों में सफाई कार्य करवाया जाएगा। टेंडर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
बाक्स
पिछले साल 32 मिल संचालकों ने खरीदा था धान
मिल संचालकों के पंजीकरण की अवधि 23 जुलाई से 30 अगस्त तक निर्धारित की गई थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बावजूद अब तक एक भी मिल संचालक ने पंजीकरण नहीं कराया है। पिछले सीजन में जिले की विभिन्न मंडियों से 32 मिल संचालकों ने धान की खरीद की थी। ऐसे में इस बार खरीद शुरू होने से पहले पंजीकरण नहीं होने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
बाक्स
मिल एसोसिएशन की ओर से प्रदेश स्तर पर हड़ताल की जा रही है। मिल संचालक पुराने चावल की खरीद को लेकर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग का समाधान नहीं होता तब तक खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
किसानों की आवक से पहले व्यवस्थाएं पूरी करना चुनौती
धान खरीद शुरू होने के साथ ही मंडियों में बड़ी संख्या में किसान फसल लेकर पहुंचेंगे। ऐसे में यदि समय रहते खरीद एजेंसियों और मिल संचालकों की व्यवस्था स्पष्ट नहीं हुई तो मंडियों में धान के ढेर लगने, उठान प्रभावित होने और किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
एक अक्तूबर से मंडियों में धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएंगी। साफ-सफाई को लेकर निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए टेंडर भी जारी किए गए हैं। जिले के किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें समय रहते पूरा करवाया जाएगा।
-- -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।
फोटो कैप्शन
10जेएनडी14: सफीदों अनाज मंडी। संवाद
विज्ञापन
वहीं, दूसरी ओर प्रदेश स्तर पर चल रही मिल संचालकों की हड़ताल ने धान खरीद को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। अब तक जिले की किसी भी मंडी से धान खरीद के लिए एक भी मिल संचालक ने पंजीकरण नहीं कराया है। धान की खरीद एक अक्तूबर 2026 से शुरू होना प्रस्तावित है।
विज्ञापन
मंडियों में किसानों के फसल लेकर पहुंचने से पहले सफाई, फड़, रास्तों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है। इसी को देखते हुए कृषि विपणन बोर्ड ने जिले की विभिन्न मंडियों में सफाई के लिए 27 लाख 49 हजार 746 रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत एक अक्तूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक मंडियों में सफाई कार्य करवाया जाएगा। टेंडर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
बाक्स
पिछले साल 32 मिल संचालकों ने खरीदा था धान
मिल संचालकों के पंजीकरण की अवधि 23 जुलाई से 30 अगस्त तक निर्धारित की गई थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बावजूद अब तक एक भी मिल संचालक ने पंजीकरण नहीं कराया है। पिछले सीजन में जिले की विभिन्न मंडियों से 32 मिल संचालकों ने धान की खरीद की थी। ऐसे में इस बार खरीद शुरू होने से पहले पंजीकरण नहीं होने के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
बाक्स
मिल एसोसिएशन की ओर से प्रदेश स्तर पर हड़ताल की जा रही है। मिल संचालक पुराने चावल की खरीद को लेकर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग का समाधान नहीं होता तब तक खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
किसानों की आवक से पहले व्यवस्थाएं पूरी करना चुनौती
धान खरीद शुरू होने के साथ ही मंडियों में बड़ी संख्या में किसान फसल लेकर पहुंचेंगे। ऐसे में यदि समय रहते खरीद एजेंसियों और मिल संचालकों की व्यवस्था स्पष्ट नहीं हुई तो मंडियों में धान के ढेर लगने, उठान प्रभावित होने और किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
एक अक्तूबर से मंडियों में धान की खरीद शुरू होगी। इसके लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएंगी। साफ-सफाई को लेकर निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए टेंडर भी जारी किए गए हैं। जिले के किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें समय रहते पूरा करवाया जाएगा।
फोटो कैप्शन
10जेएनडी14: सफीदों अनाज मंडी। संवाद