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हांसी राखीगढ़ी महोत्सव में बोले पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु
हांसी। राखीगढ़ी में आयोजित सात दिवसीय महोत्सव के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राखीगढ़ी संग्रहालय को विश्वस्तरीय पहचान दिलाना उनका पुराना सपना रहा है। करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने यहां खुले संग्रहालय और डोम आर्किटेक्चर की परिकल्पना की थी। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से यह सपना साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चारदीवारी और छत के नीचे संग्रहालय बनाना नहीं था, बल्कि इसे मिस्र के पिरामिडों की तरह खुले संग्रहालय के रूप में विकसित करना था, ताकि दुनिया भर के लोग यहां आकर प्राचीन सभ्यता को करीब से समझ सकें।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि राखीगढ़ी और पूरे क्षेत्र को उसका उचित अधिकार और पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हो रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से तालियां बजाकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने की अपील भी की।
राखीगढ़ी को विश्व में मिलेगा उचित स्थान
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत में पूरी दुनिया की रुचि बढ़ रही है। उन्होंने सिंधु-सरस्वती सभ्यता के अवशेषों का उल्लेख करते हुए कहा कि राखीगढ़ी मानव सभ्यता के प्राचीन इतिहास को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थल है। उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में राखीगढ़ी को विश्व स्तर पर उसका उचित स्थान मिलेगा।
सूरजकुंड और खजुराहो महोत्सव से भी आगे ले जाने का लक्ष्य
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राखीगढ़ी महोत्सव के रूप में यहां जो शुरुआत हुई है, वह आने वाले वर्षों में बड़े सांस्कृतिक आयोजन का रूप लेगी। उनकी कल्पना है कि राखीगढ़ी का महोत्सव सूरजकुंड महोत्सव से भी अधिक भव्य बने और खजुराहो महोत्सव की तरह विश्वभर में प्रसिद्धि हासिल करे। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राखीगढ़ी की विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात होगी। अंत में उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए जय हिंद और जय भारत का उद्घोष किया।
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