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रायबरेली में लगातार बारिश और नैय्या नाला उफनाने से सड़कों पर जलभराव, बर्बाद हुई फसलें
रायबरेली में लगातार हो रही बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। क्षेत्र के मझिगवां स्थित गऊघाट-मझिगवां मुख्य मार्ग, गुरूबक्शगंज-हलोर मुख्य मार्ग, अलीपुर-हलोर मुख्य मार्ग व सुखलिया पुरासी मुख्य मार्ग पर नैय्या नाला उफनाने के कारण भारी जलभराव हो गया है, जिससे सड़क पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो चुकी है। इस समस्या के कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है और किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई है। गाढ़ी कमाई एवं कड़ी मेहनत से तैयार की गई धान की फसल में तीन -तीन चार -चार फीट गहरा पानी भरने से फसल नष्ट होने के कगार पर है। अगर पानी कम ना हुआ तो धान की फसल गल कर बर्बाद हो जाएगी। गुरुबक्सगंज मजरे भटसरा निवासी रामकेवल ने बताया कि गांव के ही औसेरी को बीते एक सप्ताह पूर्व लकवा मार गया, इनका ईलाज हलोर में प्राइवेट रूम लेकर कराया जा रहा है क्योंकि गांव के आने जाने वाले मुख्यमार्ग पर लगभग 3 से 4 फिट पानी बह रहा है। मझिगवां निवासी शत्रोहन सोनी रानू मिश्रा महेंद्र श्रीवास्तव हरिश्चंद्र धर्मेश आदि ने बताया कि गऊघाट- मझिगवां गांव का मुख्यमार्ग है। इस सड़क से मझिगवां, पहाड़गंज, ढकिया, जंगलिन, पड़रिया, हिन्दुगंज आदि गांव जाने वाले ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे किसी हादसे या जीव-जंतु के हमले का खतरा बना रहता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। सुखलिया मजरे पुरासी गांव निवासी धीरेन्द्र सिंह रंजीत सिंह माता बदल अनिल कुमार गंगाप्रसाद रामकुमार आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुये बताया कि हर वर्ष जलभराव की यह समस्या पैदा होती है। अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है, जिससे मजबूरन लोगों को पानी में घुसकर आवागमन करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि बाढ़ के समय पानी में खड़े होकर तस्वीर खिंचवाकर वाह-वाही तो ले रहे हैं, लेकिन बारिश समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्या से वह मुख मोड़ लेते है। किसानों में जहां एक ओर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर आक्रोश है तो वहीं भुक्तभोगी किसानों ने तहसील प्रशासन से क्षेत्र की जलमग्न भूमि की फसल का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। उपजिलाधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व कि टीम भेजकर राहत और बचाव के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
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