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एआई की रफ्तार धीमी करने का समझौता: चार बड़ी कंपनियों पर अवैध डील का मुकदमा, जानें क्या है पूरा मामला?
Sat, 19 Sep 2026 11:12 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:12 PM IST
सार
एआई की रफ्तार को धीमा करने और सुरक्षा बढ़ाने की बातचीत अब कानूनी विवाद में बदल गई है। अमेरिका में दायर एक मुकदमे में एंथ्रोपिक, ओपनएआई, स्पेसएक्सएआई और गूगल पर एआई विकास को धीमा करने के लिए अवैध समझौते का आरोप लगाया गया है। चार सशुल्क एआई यूजर्स ने यह मुकदमा क्यों किया? क्या कंपनियों का सुरक्षा के लिए सहयोग प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौता माना जा सकता है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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क्या एआई की रफ्तार जानबूझकर धीमी की गई?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
एआई की दुनिया की चार बड़ी कंपनियां अब एक नए कानूनी विवाद में घिर गई हैं। एक मुकदमे में एंथ्रोपिक, ओपनएआई, स्पेसएक्सएआई और गूगल पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के विकास की रफ्तार धीमी करने के लिए आपस में अवैध समझौता किया। मुकदमा अमेरिका की एक अदालत में दायर किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि इस तरह की मिलीभगत से एआई सेवाओं के लिए पैसे देने वाले ग्राहकों को मिलने वाला फायदा कम हो सकता है।
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मुकदमे में चारों कंपनियों पर क्या आरोप लगाया गया है?
- मुकदमे में आरोप है कि एंथ्रोपिक, ओपनएआई, स्पेसएक्सएआई और गूगल ने एआई विकास को धीमा करने के लिए आपस में तालमेल किया।
- यह मुकदमा शुक्रवार को अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया जिले की अदालत में दायर किया गया।
- चारों कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिस्पर्धा-विरोधी कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
- मुकदमा चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक और जेमिनी की सशुल्क सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले चार लोगों की ओर से दायर किया गया है।
- वादी पक्ष पूरे अमेरिका के ऐसे अन्य सशुल्क ग्राहकों को भी प्रस्तावित वर्ग में शामिल करना चाहता है।
- मुकदमे में दावा किया गया है कि एआई की विकास गति धीमी करने का समझौता उपभोक्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।
12 सितंबर को ऐसा क्या हुआ, जिससे विवाद शुरू हुआ?
मुकदमे के मुताबिक, इस पूरे मामले का प्रमुख आधार 12 सितंबर को हुई सार्वजनिक बातचीत है। उस दिन एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई ने एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें उन्होंने एआई के विकास की गति को धीमा करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए पूरी इंडस्ट्री के बीच सहयोग की बात कही थी। उसी दिन ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, स्पेसएक्सएआई के एलन मस्क और गूगल डीपमाइंड के डेमिस हासाबिस ने सार्वजनिक रूप से अमोडेई के प्रस्ताव पर सहमति जताई। मुकदमा दायर करने वालों का कहना है कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों के प्रमुखों के बीच इस तरह की सहमति उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धा-विरोधी असर पैदा कर सकती है।
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