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BSA asks Principal for clarification on sale of goods from primary school, case of Chitawat village of Mauranipur
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प्राथमिक विद्यालय से सामान बेचने के मामले में बीएसए ने प्रधानाचार्य से मांगा स्पष्टीकरण, झांसी के मऊरानीपुर का मामला
मऊरानीपुर क्षेत्र के ग्राम चितावत स्थित प्राथमिक विद्यालय में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर विद्यालय की सरकारी संपत्ति, जिसमें बच्चों की किताबें और रसोई का सामान शामिल है को चोरी-छिपे कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। जब स्कूल के ही एक शिक्षामित्र ने इसका विरोध किया, तो प्रधानाध्यापक ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मोबाइल छीन लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय चितावत के प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय परिसर में कबाड़ खरीदने वालों को बुलाया गया था। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि विद्यालय का सामान बोरियों में भरकर कबाड़ की गाड़ी में लादने की तैयारी की जा रही थी। इन बोरियों में कथित तौर पर बच्चों की किताबें, लोहे की सरिया और रसोई में इस्तेमाल होने वाला गैस चूल्हा व अन्य सामान शामिल था। जब विद्यालय में कार्यरत शिक्षामित्र ने इस सरकारी संपत्ति को खुलेआम बेचे जाने पर आपत्ति जताई और इसका वीडियो बनाना शुरू किया, तो प्रधानाध्यापक आक्रोशित हो गए। वीडियो में कबाड़ खरीदने आए व्यक्ति से जब पूछा गया कि वह यहां क्या कर रहा है, तो उसने स्पष्ट रूप से प्रधानाध्यापक का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें सर जी ने ही सामान देने के लिए बुलाया है। मौके पर बिखरे हुए गत्ते, लोहे का सामान और भरी हुई बोरियां प्रधानाध्यापक के दावों की पोल खोल रही हैं। सरकारी स्कूल जहां बच्चों के भविष्य को संवारने का केंद्र होते हैं, वहां इस तरह की अनियमितता ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपुल शिव सागर ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। विद्यालय की कोई भी संपत्ति बेचने के लिए उसकी नीलामी की जाती है। लेकिन प्रधानाध्यापक द्वारा ऐसा न करने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगते हुए दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
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