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बहराइच: महिला सिपाही ज्योति पासवान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
गृह-प्रवेश देखा, परिवार के साथ खुशी-खुशी बातचीत की तीन घंटे बाद मौत की खबर आई। फंदे से पहले छह मिनट तक हुई फोन पर बातचीत, मोबाइल हुआ स्विच ऑफ, पिता बोले- उच्चस्तरीय जांच हो महिला कॉन्स्टेबल ज्योति पासवान की मौत का मामला मंगलवार को और भी रहस्यमय हो गया। वह हुज़ूरपुर पुलिस स्टेशन परिसर में बने अपने सरकारी क्वार्टर में संदिग्ध हालात में मृत पाई गईं। पोस्टमार्टम से पहले ही उनके परिवार ने उनकी मौत के हालात पर सवाल उठाए और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की। इस बीच, पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला कि फांसी लगाने से पहले ज्योति ने अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी से लगभग छह मिनट तक बात की थी। कॉल के बाद फ़ोन स्विच ऑफ़ कर दिया गया था और उसके कुछ ही देर बाद उसका शव कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला।
महाराजगंज ज़िले के नौतनवा पुलिस स्टेशन के तहत रामनगर गाँव की रहने वाली महिला कॉन्स्टेबल ज्योति पासवान का शव सोमवार शाम हुज़ूरपुर पुलिस स्टेशन परिसर के एक कमरे में लटका हुआ मिला। उनके पिता अशोक कुमार, माँ शकुंतला, बहन अंजलि और भाई धीरज व प्रिंस मंगलवार सुबह बहराइच पहुँचे। परिवार के सदस्य पूरी सुबह पोस्टमॉर्टम सेंटर पर मौजूद रहे। दोपहर करीब 2 बजे डॉक्टरों की एक टीम ने पोस्टमॉर्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
उनके पिता, अशोक कुमार ने बताया कि ज्योति परिवार में सबसे बड़ी संतान थीं। नौकरी मिलने के बाद, उन्होंने पूरे परिवार की आर्थिक ज़िम्मेदारी संभाली और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया। उनकी छोटी बेटी, अंजलि, पुणे में आईटी सेक्टर में काम करती हैं। दोनों बेटियों की कड़ी मेहनत की बदौलत, परिवार ने हाल ही में कानपुर के पंकी इलाके में ज़मीन खरीदकर घर बनाया था और वहाँ रहने चले गए थे।
उन्होंने बताया कि नए घर में गृह-प्रवेश का कार्यक्रम सोमवार को तय था। ज्योति ड्यूटी पर होने के कारण इसमें शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन उन्होंने वीडियो कॉल के ज़रिए पूरा कार्यक्रम देखा और परिवार के सभी सदस्यों से खुशी-खुशी बातचीत की। शाम करीब 4 बजे उनका मोबाइल फ़ोन बंद हो गया। बाद में, शाम लगभग 7 बजे खबर मिली कि वह अपने कमरे में फंदे से लटकी हुई पाई गईं।
परिवार वालों का कहना है कि उनकी बेटी खुश थी और भविष्य के लिए योजनाएँ बना रही थी; ऐसे हालात में, उसकी मौत आत्महत्या का आम मामला नहीं लगती। हालाँकि, उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी है।
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