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Bahraich News: सैलाब के दबाव से तटबंध में दरार, बाढ़ की चपेट में 18 गांव
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तराई में बाढ़ से बिगड़े हालात।
बहराइच। तराई में बारिश थम गई है, लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। यहां जलस्तर 106.65 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। नदी में 4,35,165 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज होने और जलस्तर बढ़ने से महसी क्षेत्र में खतरा और बढ़ गया है। बढ़ते सैलाब से बेलहा-बेहरौली तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। तटबंध पर पांच स्थानों पर रेनकट मिले हैं, जबकि दो स्थानों पर दरारें देखी गई हैं। इससे तटबंध के आसपास रहने वाले लोगों में तटबंध के टूटने के साथ बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
वहीं, सरयू का जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील के 18 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कोनी, रामदहिन पुरवा, चमरही, लोधेपुरवा, जोधेपुरवा, महंत पुरवा, कटेला पुरवा, पूरे प्रसाद, रामसबद पुरवा, तारापुरवा, छतरपुरवा, जोगलपुरवा, मांझा दरियाबुर्द और मल्लाहन पुरवा समेत भौंरी ग्राम पंचायत के छह गांवों में पानी पहुंच गया है। कटेला पुरवा और पूरे प्रसाद में हालात अधिक खराब हैं। कई घरों के अंदर करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। लोगों ने अटारी और तख्त-चारपाई को ऊंचाई पर रखकर उनके ऊपर चूल्हा रखा है। घर के अंदर पानी होने के कारण खाना पकाने से लेकर आने-जाने तक में परेशानी हो रही है।
महसी के तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि हलका लेखपाल छोटेलाल समेत लेखपालों की टीम को सर्वे के लिए लगाया गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद राहत और बचाव के कार्य किए जाएंगे। फिलहाल अधिक पानी वाले क्षेत्रों पूरे प्रसाद ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के आवागमन के लिए दो नाव और दो स्टीमर लगाए गए हैं।
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तटबंध को 24 घंटे में दुरुस्त करने का दावा
सरयू नहर खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि तटबंध का निरीक्षण कराया गया है। पांच स्थानों पर रेनकट मिले हैं, जहां लाल झंडी लगाकर मरम्मत शुरू करा दी गई है। दो स्थानों पर तटबंध में दरारें मिली हैं, वहां भी मजबूती का काम कराया जा रहा है। तीन दिन की बारिश के कारण कई स्थानों पर रेनकट हुए हैं। इसी के चलते समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और करीब 24 घंटे में मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।
घरों में घुसा पानी, जिंदगी हुई दुश्वार
बिछिया प्रतिनिधि के अनुसार मिहींपुरवा तहसील के सुजौली ग्राम पंचायत के चिरिया टोला पुजवा गांव में बाढ़ का पानी घरों के अंदर पहुंच गया है। जंगल गुलरिया ग्राम पंचायत के संपत पुरवा, धर्मपुर रेतिया और रामपुर रेतिया में भी बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन अस्तव्यस्त है। रामबचन गौतम, महाजन भारती समेत ग्रामीणों के घर बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
घर में पानी, छत और तख्त पर गुजारा
कटेला पुरवा निवासी जगतराम ने कहा घर के अंदर करीब तीन फीट पानी पहुंचने से नीचे रखा सामान सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ा है। आने-जाने के लिए भी पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। पूरे प्रसाद के निवासी रामकुमार ने बताया घर के अंदर पानी भरने से खाना बनाना मुश्किल हो गया है। तख्त और चारपाई को ऊंचा कर उसके ऊपर चूल्हा रखकर भोजन तैयार करना पड़ रहा है। संपत पुरवा के रामबचन गौतम ने कहा कि बाढ़ का पानी घर तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने के कारण परिवार व पशुओं के भोजन और चारे का संकट उत्पन्न हाे गया है। धर्मपुर रेतिया की भारती ने कहा कि राहत और बचाव कार्य अब तक शून्य हैं। पानी बढ़ने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
सोमवार को जलस्तर की स्थिति
स्थान
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 135.50 मीटर
135.49 मीटर
1,77,133 क्यूसेक
गिरजा बैराज 136.00 मीटर
136.78 मीटर
2,29,667 क्यूसेक
सरयू बैराज 131.75 मीटर
133.40 मीटर
12,358 क्यूसेक
सुहेली बैराज 144.95 मीटर
145.50 मीटर
16,007 क्यूसेक
चारों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया कुल पानी : 4,35,165 क्यूसेक
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.65 मीटर, लाल निशान 106.07 मीटर
घूर देवी महसी पर जलस्तर 112.54 मीटर, लाल निशान 112.15 मीटर
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वहीं, सरयू का जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील के 18 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कोनी, रामदहिन पुरवा, चमरही, लोधेपुरवा, जोधेपुरवा, महंत पुरवा, कटेला पुरवा, पूरे प्रसाद, रामसबद पुरवा, तारापुरवा, छतरपुरवा, जोगलपुरवा, मांझा दरियाबुर्द और मल्लाहन पुरवा समेत भौंरी ग्राम पंचायत के छह गांवों में पानी पहुंच गया है। कटेला पुरवा और पूरे प्रसाद में हालात अधिक खराब हैं। कई घरों के अंदर करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। लोगों ने अटारी और तख्त-चारपाई को ऊंचाई पर रखकर उनके ऊपर चूल्हा रखा है। घर के अंदर पानी होने के कारण खाना पकाने से लेकर आने-जाने तक में परेशानी हो रही है।
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महसी के तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि हलका लेखपाल छोटेलाल समेत लेखपालों की टीम को सर्वे के लिए लगाया गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद राहत और बचाव के कार्य किए जाएंगे। फिलहाल अधिक पानी वाले क्षेत्रों पूरे प्रसाद ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के आवागमन के लिए दो नाव और दो स्टीमर लगाए गए हैं।
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तटबंध को 24 घंटे में दुरुस्त करने का दावा
सरयू नहर खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि तटबंध का निरीक्षण कराया गया है। पांच स्थानों पर रेनकट मिले हैं, जहां लाल झंडी लगाकर मरम्मत शुरू करा दी गई है। दो स्थानों पर तटबंध में दरारें मिली हैं, वहां भी मजबूती का काम कराया जा रहा है। तीन दिन की बारिश के कारण कई स्थानों पर रेनकट हुए हैं। इसी के चलते समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और करीब 24 घंटे में मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।
घरों में घुसा पानी, जिंदगी हुई दुश्वार
बिछिया प्रतिनिधि के अनुसार मिहींपुरवा तहसील के सुजौली ग्राम पंचायत के चिरिया टोला पुजवा गांव में बाढ़ का पानी घरों के अंदर पहुंच गया है। जंगल गुलरिया ग्राम पंचायत के संपत पुरवा, धर्मपुर रेतिया और रामपुर रेतिया में भी बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन अस्तव्यस्त है। रामबचन गौतम, महाजन भारती समेत ग्रामीणों के घर बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
घर में पानी, छत और तख्त पर गुजारा
कटेला पुरवा निवासी जगतराम ने कहा घर के अंदर करीब तीन फीट पानी पहुंचने से नीचे रखा सामान सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ा है। आने-जाने के लिए भी पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। पूरे प्रसाद के निवासी रामकुमार ने बताया घर के अंदर पानी भरने से खाना बनाना मुश्किल हो गया है। तख्त और चारपाई को ऊंचा कर उसके ऊपर चूल्हा रखकर भोजन तैयार करना पड़ रहा है। संपत पुरवा के रामबचन गौतम ने कहा कि बाढ़ का पानी घर तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने के कारण परिवार व पशुओं के भोजन और चारे का संकट उत्पन्न हाे गया है। धर्मपुर रेतिया की भारती ने कहा कि राहत और बचाव कार्य अब तक शून्य हैं। पानी बढ़ने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
सोमवार को जलस्तर की स्थिति
स्थान
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 135.50 मीटर
135.49 मीटर
1,77,133 क्यूसेक
गिरजा बैराज 136.00 मीटर
136.78 मीटर
2,29,667 क्यूसेक
सरयू बैराज 131.75 मीटर
133.40 मीटर
12,358 क्यूसेक
सुहेली बैराज 144.95 मीटर
145.50 मीटर
16,007 क्यूसेक
चारों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया कुल पानी : 4,35,165 क्यूसेक
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.65 मीटर, लाल निशान 106.07 मीटर
घूर देवी महसी पर जलस्तर 112.54 मीटर, लाल निशान 112.15 मीटर

तराई में बाढ़ से बिगड़े हालात।

तराई में बाढ़ से बिगड़े हालात।