जयपुर जिले में नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। जिले की 19 नगरीय निकायों के 690 वार्डों में सदस्य पद के लिए तीन दिनों में कुल 4,238 अभ्यर्थियों ने 4,884 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। अंतिम दिन अकेले 3,549 अभ्यर्थियों ने 4,099 नामांकन पत्र जमा किए।
अंतिम दिन सबसे ज्यादा नामांकन
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन 27 अगस्त को 39 अभ्यर्थियों ने 48 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इसके बाद 29 अगस्त को दूसरे दिन 650 अभ्यर्थियों ने 737 नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। वहीं नामांकन के अंतिम दिन 31 अगस्त को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पहुंचे। इस दिन 3,549 अभ्यर्थियों ने 4,099 नामांकन पत्र दाखिल किए। तीन दिनों में दाखिल हुए कुल नामांकन में जयपुर नगर निगम सबसे आगे रहा। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए कुल 1,392 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनमें 1,253 अभ्यर्थी शामिल हैं। इसके अलावा शाहपुरा नगर परिषद में 432 अभ्यर्थियों ने 533 नामांकन पत्र दाखिल किए। चाकसू नगरपालिका में 269 अभ्यर्थियों ने 365 नामांकन पत्र प्रस्तुत किए, जबकि चौमूं नगर परिषद में 205 अभ्यर्थियों ने 234 नामांकन पत्र दाखिल किए।
इन निकायों में भी बड़ी संख्या में नामांकन
जिले के अन्य नगरीय निकायों की बात करें तो बगरू में 210, बस्सी में 211, दूदू में 171, जमवारामगढ़ में 164, जोबनेर में 109, कालाडेरा में 113, कानोता में 74, खेजरोली में 162, किशनगढ़-रेनवाल में 144, मनोहरपुर में 223, नारायणा में 170, फागी में 196, फुलेरा में 108, सांभर में 172 और वाटिका में 133 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। 1 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थियों के पास 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का मौका रहेगा।
4 सितंबर को मिलेगा चुनाव चिह्न
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 सितंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव मैदान में अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी डटे हैं। नामांकन पत्रों की संवीक्षा और नाम वापसी के बाद जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों में चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। इसके बाद राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार अभियान भी जोर पकड़ने की संभावना है।