{"_id":"6abd332862db0144ce05d7d2","slug":"video-ashok-mittal-terms-lpu-violence-a-pre-planned-conspiracy-2026-09-30","type":"video","status":"publish","title_hn":"जालंधर: एलपीयू हिंसा को अशोक मित्तल ने बताया सुनियोजित साजिश, बोले- दुष्कर्म की घटना नहीं हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालंधर: एलपीयू हिंसा को अशोक मित्तल ने बताया सुनियोजित साजिश, बोले- दुष्कर्म की घटना नहीं हुई
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हाल ही में हुई तोड़फोड़ और हिंसा को विश्वविद्यालय के मालिक एवं राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने बड़ी सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी छात्रा के साथ दुष्कर्म की कोई घटना नहीं हुई और एक भ्रामक संदेश तथा फोन कॉल के जरिए विद्यार्थियों को भड़काकर माहौल खराब किया गया। मित्तल ने कहा कि दुष्कर्म का आरोप पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है तथा वह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि ऐसी कोई घटना विश्वविद्यालय के अंदर नहीं हुई। उन्होंने बताया कि रेडिट पर आए एक भ्रामक संदेश के बाद टेलीफोन के जरिए छात्रों को उकसाया गया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। मित्तल ने कहा कि यह केवल एलपीयू के खिलाफ साजिश नहीं, बल्कि पंजाब के खिलाफ भी एक बड़ी साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पंजाब की अर्थव्यवस्था, जालंधर और फगवाड़ा के व्यापारिक नेटवर्क को नुकसान पहुंचाना, कारोबारियों में भय पैदा करना और हिंदू-सिख एकता को चोट पहुंचाना हो सकता है। हालांकि राजनीतिक साजिश के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण के वह इस संबंध में कोई आरोप नहीं लगाएंगे और सबूत मिलने पर ही इसे सार्वजनिक करेंगे।
कैंपस में हुई तोड़फोड़ और लूटपाट पर दुख जताते हुए मित्तल ने कहा कि कुछ बाहरी उपद्रवी इसमें सीधे तौर पर शामिल थे और कुछ छात्र भी उनके साथ जाकर खड़े हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी छात्र की हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य आपराधिक गतिविधि में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाए जाने के सवाल पर मित्तल ने कहा कि वह कोई भी बड़ी बात पूरी जिम्मेदारी के साथ ही कहेंगे और ठोस सबूत मिलने से पहले इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। मामले में जनहित याचिका दाखिल होने और केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। चूंकि मामला अब अदालत के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए आगे क्या होना चाहिए और जांच किस दिशा में जाएगी, इसका फैसला अदालत ही करेगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।