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Simhastha 2028: Minister descended 30 meters below the ground to see the construction of the tunnel
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Simhastha 2028: टनल निर्माण देखने जमीन से 30 मीटर नीचे पहुंचे मंत्री, मजदूरों को खिलाई मिठाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:28 PM IST
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सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत शिप्रा नदी पर 30 किलोमीटर लंबाई में घाट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। यह सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण करने का लक्ष्य है। घाटों के निर्माण से सिंहस्थ के दौरान एक दिन में लगभग पांच करोड़ श्रद्धालु स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकेंगे। शिप्रा नदी पर बैराज निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उज्जैन जिले में क्षिप्रा नदी पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु दोनों किनारों पर शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक लगभग 778.91 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 30 किलोमीटर के घाट निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। यह बात जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने आज सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों एवं परियोजनाओं का निरीक्षण करने के दौरान कही। इस दौरान आपने कहा कि सिंहस्थ 2028 मध्यप्रदेश के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। इससे प्रदेश को एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, उज्जैन विश्व पटल पर विकास के नए मापदंड के साथ पहचान बनाएगा। कान्ह डक्ट जैसी अद्भुत परियोजना उज्जैन में एक नई मिसाल कायम करेगी। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नदी स्वच्छता अभियान के नए मापदंड हम स्थापित करने जा रहे हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने अधिकारियों, मजदूरों और कर्मचारियों को कहा कि आपकी यह मेहनत उज्जैन को एक नई पहचान देगी और विकास की नई इबारत लिखेगी।
टनल में उतरे प्रभारी मंत्री और जल संसाधन मंत्री दिए निर्देंश
30 मीटर नीचे बन रही टनल को देखने के लिए प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक सतीश मालवीय और अन्य अतिथिगण भी टनल में उतरे और टनल के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया, टनल से बाहर निकलने के बाद मंत्री गणों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए और कहा कि यह ऐसी अद्भुत परियोजना है, जिससे मां क्षिप्रा निर्मल और स्वच्छ होकर बहेगी। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए जल संसाधन विभाग की 2400 करोड़ रुपये की परियोजनाऐं निमार्णाधीन हैं। ये सभी कार्य जून 2027 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निमार्णाधीन कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। पाइप जोड़ने के लिए भी गुणवत्ता का ध्यान रखें।
मजदूरों का मुंह मीठा कराया
कान्ह क्लोज डक्ट परियोंजना स्थल के निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री सिलावट ने और प्रभारी मंत्री टेटवाल ने मजदूरों का मुंह मीठा कराया और अपने हाथ से मिठाई खिलाई उनसे चर्चा कर पूछा कि यदि कोई समस्या आ रही हो तो बताएं। इस पर मजदूरों ने बताया कि सभी सुरक्षा मानकों के साथ परियोजना में काम कराया जा रहा है। साथ ही वेतन भी समय पर मिल रहा है।
यह है कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभिन्न धार्मिक पर्वों पर अनुष्ठान के दौरान पर्याप्त स्वच्छ जल उपलब्ध कराये जाने के लिए विभाग द्वारा कान्ह नदी पर कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना संचालित की जा रही है। जिसकी लागत राशि लगभग 919.94 करोड़ रुपये है। परियोजना के अंतर्गत कान्ह नदी के दूषित जल को 18.5 किलोमीटर कट/कवर एवं 12 किलोमीटर टनल निर्माण कर उज्जैन शहर की सीमा के बाहर प्रवाहित किया जाएगा। साथ ही सिंहस्थ 2028 के आयोजन के दौरान क्षिप्रा नदी को निर्मल अविरल एवं निरंतर प्रवाहमान बनाने के लिए सेवरखेडी सिलारखेड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत लगभग 614.53 करोड़ रुपये की लागत राशि से कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत जिले के ग्राम सेवरखेड़ी में क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण कर पंपिंग के माध्यम से सिलारखेड़ी जलाशय में जल एकत्रित कर आवश्यकता अनुसार क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इस परियोजना से उज्जैन शहर को पेयजल एवं विभिन्न धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं की भावनाओं के अनुरूप निर्मल अविरल जल उपलब्ध कराया जायेगा। क्षिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा 09 बैराज का निर्माण (उज्जैन जिले में 01, इंदौर जिले में 01, एवं देवास जिले में 07 बैराज) एवं नगर निगम उज्जैन द्वारा कालियादेह स्टॉप डेम का मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कान्ह नदी पर 11 बैराजों (उज्जैन जिले में 5 एवं इंदौर जिले में 6) का निर्माण कार्य किया जा रहा है। सभी बैराजों का निर्माण लगभग 84.78 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
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