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बाबा बागेश्वर: सोने की खड़ाऊं विवाद पर धीरेंद्र शास्त्री ने दिया अपने अंदाज में जवाब, बोले- मुझसे पंगा न लेना
Sun, 20 Sep 2026 06:23 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:23 PM IST
सार
बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने सोने की खड़ाऊं को लेकर चल रहे विवाद पर आलोचकों को अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगली बार डायमंड की खड़ाऊं बुक करेंगे। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनकी खड़ाऊं लकड़ी की है, जिस पर सुनहरे रंग का पेंट किया गया है।
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बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के खड़ाऊं पर विवाद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी खड़ाऊं को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद पर विरोधियों को बेखौफ अंदाज में कड़ा जवाब दिया है। छतरपुर में आयोजित दरबार के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर अब लोगों ने उनकी सोने की खड़ाऊं के बारे में बात की, तो वे अगली बार डायमंड की खड़ाऊं बुक करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी से डरने वाले बाबा नहीं हैं और न ही माया-मोह त्यागने वाले साधु हैं।
गलत व्यक्ति से पंगा लिया
धीरेंद्र शास्त्री ने आलोचकों को चेताते हुए कहा कि विरोधियों ने गलत व्यक्ति से पंगा लिया है। उन्होंने कहा कि वे माया-मोह छोड़ने का उपदेश नहीं देते, बल्कि लोगों को सलाह देते हैं कि वे खूब पैसा कमाएं और उसे परमार्थ तथा समाज सेवा के कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि यदि देश में सब लोग बाबा बन जाएंगे तो डॉलर 200 का हो जाएगा।उन्होंने कुछ प्रवचनकर्ताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग माया-मोह को बेकार बताते हैं और खुद चढ़ावा लेते हैं, वे दोगलापंती करते हैं। शास्त्री ने अपने समर्थकों से ऐसी बातों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि जब लोगों ने श्रीराम को नहीं छोड़ा तो आम लोगों की बात ही क्या है।
ये भी पढ़ें- उज्जैन: सीएम मोहन यादव ने किया सड़क चौड़ीकरण कार्यों का औचक निरीक्षण, सिंहस्थ की तैयारियों का लिया जायजा
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एंटीलिया दौरे से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला उस समय सामने आया जब धीरेंद्र शास्त्री मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पहुंचे थे। वहां वे अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में शामिल होने गए थे। इस दौरान उनके पैरों में चमकदार सुनहरे रंग की खड़ाऊं देखी गई थीं। एंटीलिया से धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से प्रसारित होने लगा कि बागेश्वर धाम के प्रमुख सोने की खड़ाऊं पहनते हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये है।
लकड़ी की खड़ाऊं का सच बताया
सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने इस दावे का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पता है कि पैरों में सोना नहीं पहना जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी खड़ाऊं लकड़ी की बनी है, जिस पर केवल सुनहरे रंग का पेंट किया गया है।
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गलत व्यक्ति से पंगा लिया
धीरेंद्र शास्त्री ने आलोचकों को चेताते हुए कहा कि विरोधियों ने गलत व्यक्ति से पंगा लिया है। उन्होंने कहा कि वे माया-मोह छोड़ने का उपदेश नहीं देते, बल्कि लोगों को सलाह देते हैं कि वे खूब पैसा कमाएं और उसे परमार्थ तथा समाज सेवा के कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि यदि देश में सब लोग बाबा बन जाएंगे तो डॉलर 200 का हो जाएगा।उन्होंने कुछ प्रवचनकर्ताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग माया-मोह को बेकार बताते हैं और खुद चढ़ावा लेते हैं, वे दोगलापंती करते हैं। शास्त्री ने अपने समर्थकों से ऐसी बातों पर ध्यान न देने की अपील की और कहा कि जब लोगों ने श्रीराम को नहीं छोड़ा तो आम लोगों की बात ही क्या है।
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एंटीलिया दौरे से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला उस समय सामने आया जब धीरेंद्र शास्त्री मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पहुंचे थे। वहां वे अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में शामिल होने गए थे। इस दौरान उनके पैरों में चमकदार सुनहरे रंग की खड़ाऊं देखी गई थीं। एंटीलिया से धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से प्रसारित होने लगा कि बागेश्वर धाम के प्रमुख सोने की खड़ाऊं पहनते हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये है।
लकड़ी की खड़ाऊं का सच बताया
सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने इस दावे का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पता है कि पैरों में सोना नहीं पहना जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी खड़ाऊं लकड़ी की बनी है, जिस पर केवल सुनहरे रंग का पेंट किया गया है।
