सीहोर जिले के इछावर नगर परिषद क्षेत्र में गंदे नाले की सफाई और अधूरे निर्माण कार्य को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। वार्ड क्रमांक-15 के पार्षद जुनैद खान ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) धरमराज यादव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नाले की तत्काल सफाई और निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग करते हुए सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
पार्षद जुनैद खान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर नगर के बीचोंबीच स्थित गंदे नाले का निर्माण कार्य पूरा कर उसकी सफाई नहीं कराई गई, तो वार्डवासी नाले की गंदगी निकालकर सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर डाल देंगे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है और अब लोग चुप बैठने वाले नहीं हैं।
पार्षद ने ज्ञापन में बताया कि संबंधित नाला नगर के बीचोंबीच से गुजरता है और इसमें पूरे नगर के घरों से निकलने वाला गंदा पानी तथा कचरा आकर जमा होता है। लंबे समय से नाले का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। परिणामस्वरूप नाला पूरी तरह कीचड़, मलबे और गंदगी से भर चुका है।
पढ़ें: जनजाति विभाग में 16 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, रिक्त पदों का ब्यौरा तलब,कई बार हो चुके हैं प्रदर्शन
दुर्गंध और मच्छरों से लोग परेशान
नाले में जमा गंदगी के कारण आसपास के क्षेत्रों में तेज दुर्गंध फैल रही है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। वहीं नाले में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद समय रहते सफाई नहीं करा रही है, जिससे स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
पार्षद ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पार्षद जुनैद खान ने नगर परिषद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने कहा कि नगर के प्रमुख हिस्से में स्थित नाले की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं। यदि समय पर निर्माण और सफाई कार्य कराया जाता, तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
वार्डवासियों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नाले की समस्या अब केवल सफाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह स्वास्थ्य और जनजीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। बरसात का मौसम नजदीक आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। रहवासियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। वार्डवासियों ने पार्षद के आंदोलन को समर्थन देने की बात भी कही है।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
ज्ञापन सौंपे जाने और आंदोलन की चेतावनी के बाद नगर परिषद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब लोगों की नजर नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि सात दिनों के भीतर सफाई और निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई, तो नगर परिषद कार्यालय के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।