शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर सागर जिले के जैसीनगर स्थित चित्रांश शिक्षा मंदिर परिसर में आस्था, भक्ति और अनूठी कलाकारी का एक भव्य नजारा देखने को मिल रहा है। यहां समिति और मोहल्लेवासियों के सामूहिक प्रयासों से 60 फीट ऊंचे हिडोलना (झूले) पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को विराजमान किया गया है। यह अलौकिक झांकी क्षेत्र के लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
एक साथ हुए मां के नौ स्वरूपों के दर्शन
चित्रांश शिक्षा मंदिर परिसर में सजाई गई इस भव्य झांकी में माता रानी के सभी नौ स्वरूपों—मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इतनी ऊंचाई पर सजे इस विशाल झूले और देवियों की झांकी को जो भी देखता है, देखता ही रह जाता है। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु एक ही स्थान पर माता के नौ स्वरूपों के दर्शन पाकर भावविभोर हो रहे हैं।
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इस बार कुछ अलग करने का था संकल्प
जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में हर वर्ष पारंपरिक रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाती थी। लेकिन इस बार समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर कुछ नया और भव्य करने की सोची। सभी की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि इस बार हिडोलना झूले पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी सजाई जाएगी।
इसके बाद योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए विशाल झूले की व्यवस्था की गई और कुशल मूर्तिकारों को नौ देवियों की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सामूहिक सहयोग से बनी भव्य झांकी
यह भव्य और कलात्मक झांकी किसी एक व्यक्ति के प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि समिति के सदस्यों और पूरे मोहल्लेवासियों के परस्पर सहयोग और समर्पण का प्रतीक है। हर कोई अपनी श्रद्धा के अनुसार इस आयोजन को सफल बनाने में जुटा है। नवरात्रि के इन दिनों में जैसीनगर का यह परिसर पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंच रहे हैं।