शासकीय संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा और नवजात की मौत के मामले में शनिवार को बड़ी कार्रवाई की गई। मृतका का दर्दभरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और परिजनों के गंभीर आरोपों के बाद मामला तूल पकड़ गया। कार्रवाई के तहत डॉ. सोनम अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे को निलंबन की कार्रवाई लंबित रहने तक मुख्यालय में अटैच किया गया है। वहीं नर्सिंग स्टाफ साधना वर्मा और सीमा मुजल्दे को निलंबित कर दिया गया है।
मां और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया था। इस बीच मृतका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बेहद भयभीत और परेशान नजर आ रही है। वीडियो में वह अपने पिता से कहती सुनाई दे रही है, “पापा मुझे बचा लो… ये लोग मुझे मार डालेंगे। वीडियो सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, महिला को 25 अगस्त की देर रात प्रसव के लिए संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया। महिला ने नवजात को जन्म दिया, लेकिन आरोप है कि कुछ समय बाद मां और बच्चे दोनों की हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार दोनों की मौत हो गई।
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मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मृतका का इलाज डॉ. सोनम अग्रवाल की देखरेख में किया जा रहा था। उन्होंने ऑपरेशन करने वाली चिकित्सक और संबंधित नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों ने इलाज के दौरान 30 हजार रुपये मांगे जाने का भी आरोप लगाया है, जिसकी जांच होना बाकी है।
वहीं अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा ने बताया था कि गर्भवती महिला की सामान्य रूप से कम से कम आठ बार जांच होनी चाहिए थी, लेकिन उसकी केवल दो बार जांच हुई थी। महिला का बीपी बढ़ा हुआ था, प्लेटलेट्स कम थे और उसकी स्थिति भी सामान्य नहीं थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने मां और बच्चे दोनों को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। शनिवार को हुई कार्रवाई के बाद अब पूरे प्रकरण पर लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। साथ ही सवाल उठ रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रदेश के उप मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं आखिर कब सुधरेंगी।