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सीहोर की आंगनवाड़ियों की खुली पोल: कागजों में 29 बच्चे, मौके पर सिर्फ 11 मिले; परियोजना अधिकारी निलंबित
Tue, 08 Sep 2026 12:00 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:00 PM IST
सार
सीहोर ग्रामीण की आंगनवाड़ियों के औचक निरीक्षण में पोषण ट्रैकर पर दर्ज बच्चों की संख्या और मौके पर मौजूद बच्चों में बड़ा अंतर सामने आया। वजन के आंकड़ों में गड़बड़ी, कुपोषित बच्चों की संख्या में विसंगति, भोजन में दाल का गायब होना, खराब गुणवत्ता, खराब डिजिटल मशीनें और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी कई अनियमितताएं मिलीं।
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जिला कलेक्टर कार्यालय
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता के औचक निरीक्षण ने सीहोर ग्रामीण की आंगनवाड़ी व्यवस्था की पोल खोल दी। रिकॉर्ड में बच्चों की भारी-भरकम उपस्थिति, मौके पर नदारद बच्चे, पोषण ट्रैकर में संदिग्ध आंकड़े और घटिया भोजन जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने कड़ा प्रशासनिक प्रहार किया है। मंगलवार को सीहोर ग्रामीण बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका राय दीवान को निलंबित कर दिया गया।
कागजों में बच्चे ज्यादा, केंद्रों पर आधे से भी कम
निरीक्षण के दौरान पचामा आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण ट्रैकर ऐप पर 29 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन मौके पर केवल 11 बच्चे मिले। रायपुरा नयाखेड़ा में ऐप पर 24 बच्चे उपस्थित बताए गए, जबकि मौके पर सिर्फ 9 बच्चे मौजूद थे। नौनीखेड़ी गुसाई में भी 20 दर्ज बच्चों के मुकाबले केवल 9 बच्चे मिले। इस अंतर ने विभागीय निगरानी और रिकॉर्ड संधारण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
वजन के आंकड़ों में भी सामने आया बड़ा खेल
पचामा केंद्र में कनक नामक बच्चे का वजन एक ही सप्ताह में बिना स्पष्ट कारण के लगभग दोगुना दर्ज पाया गया। इसी केंद्र के पोषण ट्रैकर पर 7 एमएएम बच्चे दर्ज थे, जबकि कार्यकर्ता को केवल 3 बच्चों की जानकारी थी। पडली केंद्र में कार्यकर्ता ने कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य बताई, जबकि ऐप पर 1 सैम और 13 एमएएम बच्चे दर्ज पाए गए।
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थाली में दाल गायब, भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
नौनीखेड़ी गुसाई केंद्र में मीनू के अनुसार बच्चों को दाल, सब्जी और रोटी दिया जाना था, लेकिन निरीक्षण में सिर्फ 14 रोटी और नाममात्र की आलू की सब्जी मिली। दाल गायब थी। भोजन की गुणवत्ता और स्वाद भी खराब पाया गया। स्व-सहायता समूहों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे टीएचआर पैकेटों पर निर्माण तिथि तक अंकित नहीं थी और सामग्री का मिश्रण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला।
मशीनें खराब, बिजली नहीं, व्यवस्था बेहाल
निरीक्षण में सिर्फ कागजी गड़बड़ियां ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की बदहाली भी सामने आई। नौनीखेड़ी गुसाई में बच्चों का वजन और ऊंचाई मापने वाली डिजिटल मशीनें खराब मिलीं। यहां पर्यवेक्षक का अंतिम निरीक्षण अगस्त 2025 में होना बताया गया। पडली केंद्र में टीवी और वॉटर प्यूरीफायर उपलब्ध होने के बावजूद बिजली कनेक्शन नहीं था। थूनाकलां केंद्र में झाड़ियां उगी थीं और नल-हैंडपंप भी खराब मिला।
ये भी पढ़ें- दमोह में जहरीली शराब का हड़कंप: शराब पीते ही बेहोश हुआ युवक, मुंह से निकलने लगा झाग; प्रशासन में मचा हड़कंप
भुगतान व्यवस्था में भी लापरवाही
सांझा चूल्हा योजना के तहत स्व-सहायता समूहों को भुगतान से संबंधित फाइलें निर्धारित 15 तारीख के बाद प्रस्तुत की जा रही थीं। काम नहीं करने वाले समूहों के खिलाफ भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने इन तमाम खामियों को परियोजना अधिकारी की मॉनिटरिंग और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही के रूप में लिया।
24 दिन बाद चला निलंबन का डंडा
महिला एवं बाल विकास विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता ने 14 अगस्त को सीहोर जिले की ग्रामीण आंगनवाड़ियों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं की जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद 24 दिन में निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में प्रियंका राय दीवान का मुख्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ज्ञानेश खरे ने पुष्टि करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता ने सीहोर ग्रामीण बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका राय दीवान को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
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कागजों में बच्चे ज्यादा, केंद्रों पर आधे से भी कम
निरीक्षण के दौरान पचामा आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण ट्रैकर ऐप पर 29 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन मौके पर केवल 11 बच्चे मिले। रायपुरा नयाखेड़ा में ऐप पर 24 बच्चे उपस्थित बताए गए, जबकि मौके पर सिर्फ 9 बच्चे मौजूद थे। नौनीखेड़ी गुसाई में भी 20 दर्ज बच्चों के मुकाबले केवल 9 बच्चे मिले। इस अंतर ने विभागीय निगरानी और रिकॉर्ड संधारण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
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वजन के आंकड़ों में भी सामने आया बड़ा खेल
पचामा केंद्र में कनक नामक बच्चे का वजन एक ही सप्ताह में बिना स्पष्ट कारण के लगभग दोगुना दर्ज पाया गया। इसी केंद्र के पोषण ट्रैकर पर 7 एमएएम बच्चे दर्ज थे, जबकि कार्यकर्ता को केवल 3 बच्चों की जानकारी थी। पडली केंद्र में कार्यकर्ता ने कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य बताई, जबकि ऐप पर 1 सैम और 13 एमएएम बच्चे दर्ज पाए गए।
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थाली में दाल गायब, भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
नौनीखेड़ी गुसाई केंद्र में मीनू के अनुसार बच्चों को दाल, सब्जी और रोटी दिया जाना था, लेकिन निरीक्षण में सिर्फ 14 रोटी और नाममात्र की आलू की सब्जी मिली। दाल गायब थी। भोजन की गुणवत्ता और स्वाद भी खराब पाया गया। स्व-सहायता समूहों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे टीएचआर पैकेटों पर निर्माण तिथि तक अंकित नहीं थी और सामग्री का मिश्रण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला।
मशीनें खराब, बिजली नहीं, व्यवस्था बेहाल
निरीक्षण में सिर्फ कागजी गड़बड़ियां ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की बदहाली भी सामने आई। नौनीखेड़ी गुसाई में बच्चों का वजन और ऊंचाई मापने वाली डिजिटल मशीनें खराब मिलीं। यहां पर्यवेक्षक का अंतिम निरीक्षण अगस्त 2025 में होना बताया गया। पडली केंद्र में टीवी और वॉटर प्यूरीफायर उपलब्ध होने के बावजूद बिजली कनेक्शन नहीं था। थूनाकलां केंद्र में झाड़ियां उगी थीं और नल-हैंडपंप भी खराब मिला।
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भुगतान व्यवस्था में भी लापरवाही
सांझा चूल्हा योजना के तहत स्व-सहायता समूहों को भुगतान से संबंधित फाइलें निर्धारित 15 तारीख के बाद प्रस्तुत की जा रही थीं। काम नहीं करने वाले समूहों के खिलाफ भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने इन तमाम खामियों को परियोजना अधिकारी की मॉनिटरिंग और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही के रूप में लिया।
24 दिन बाद चला निलंबन का डंडा
महिला एवं बाल विकास विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता ने 14 अगस्त को सीहोर जिले की ग्रामीण आंगनवाड़ियों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं की जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद 24 दिन में निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में प्रियंका राय दीवान का मुख्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ज्ञानेश खरे ने पुष्टि करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता ने सीहोर ग्रामीण बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका राय दीवान को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
