रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र में आस्था, इतिहास और पर्यटन का नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यहां स्थित लगभग 1000 वर्ष पुरानी भगवान शिव के रौद्र रूप भैरव की विशालतम प्रतिमा के परिसर में निर्मित ‘भैरव लोक’ का लोकार्पण शनिवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।
ऐतिहासिक भैरव बाबा मंदिर सदियों से क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अब ‘भैरव लोक’ के निर्माण के बाद इस धार्मिक स्थल को सुव्यवस्थित धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इससे न सिर्फ स्थानीय श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
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इतिहासकारों के अनुसार यह विशाल भैरव प्रतिमा दसवीं शताब्दी के आसपास कलचुरी काल में निर्मित की गई थी। पत्थर से निर्मित यह भव्य प्रतिमा अपनी कलात्मकता, आकार और शिल्प के कारण विशेष महत्व रखती है। इसे विश्व की सबसे बड़ी भैरव प्रतिमाओं में से एक माना जाता है, जो रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाती है।
मुख्यमंत्री के आगमन और लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। आज गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी रीवा में हुई एक बैठक के दौरान अधिकारियों से कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और इसे ऐतिहासिक एवं स्मरणीय बनाने के निर्देश दिए। ‘भैरव लोक’ के लोकार्पण के साथ ही गुढ़ न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि विंध्य क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र पर भी एक नई और मजबूत पहचान स्थापित करेगा।