मध्यप्रदेश की खंडवा पुलिस ने शहर में हुई एक बड़ी नकबजनी का खुलासा करते हुए इससे जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पड़ोस के घर में ड्राइवर की नौकरी करने वाले दो युवकों ने ही एक सूने मकान में नकबजनी कर, वहां से सोने-चांदी के बर्तन सहित नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इस चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी ने घर के पड़ोस में रहने वाले एक और ड्राइवर को भी अपने साथ मिला लिया। घटना के दौरान पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने पड़ोस के एक मकान के भी नकूचे तोड़ दिए। यही नहीं, वे पुलिस की तफ्तीश के दौरान लगातार पुलिस पर नजर भी रख रहे थे। हालांकि घटना के दौरान की गई एक गलती के चलते ये दोनों ही आरोपी पुलिस के शक की जद में आ गए। इसके बाद आरोपियों से चोरी गए जेवरात और 71 हजार रुपये की नगदी भी जब्त की गई। साथ ही आरोपियों के बैंक में जमा किए 31 हजार रुपये भी पुलिस अब रिमांड लेकर रिकवर करने की कोशिश करेगी। वहीं मामले का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये के इनाम देने की भी घोषणा की गई है।
खंडवा नगर के पदम नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले पवन अग्रवाल निवासी श्रीनगर कॉलोनी ने बताया था कि वे 12 जनवरी को अपने परिवार के साथ राजस्थान स्थित नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन करने गए हुए थे। इस दौरान उनके घर पर कोई नहीं था, लेकिन जब वे खंडवा वापस आए तो, उन्हें घर के दरवाजे के ताले का नकूचा टूटा हुआ मिला। घर में तलाशी के दौरान उनकी तिजोरी से सोने-चांदी के बर्तन और घर में रखी नगदी सहित लाखों का माल भी अज्ञात चोर ले उड़े थे।
इधर पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति चोरी का माल बेचने की फिराक में है। इसके बाद मुखबिर की निशानदेही पर एक संदिग्ध युवक विनोद पिता देवीलाल सोनी निवासी लाल चौकी को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। जब विनोद से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने फरयादी पवन अग्रवाल के घर में घुसकर चोरी करने की वारदात को स्वीकार कर लिया। आरोपी युवक ने बताया कि पवन अग्रवाल के घर के पास ड्राइवर की नौकरी करने वाले अखिलेश के साथ मिलकर उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इसके बाद दोनों ही आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी किया हुआ माल भी बरामद कर लिया।
चोरी के दौरान हुई एक गलती पड़ी भारी
बता दें कि, शातिर चोरों ने फरियादी पवन अग्रवाल के घर से एक मंगलसूत्र, तीन सोने की चेन, सोने के डायमंड जड़ित टॉप्स, नाक के कांटे, बालियां, सोने की अंगूठियां, चांदी का शंख सहित चांदी के बेशकीमती बर्तन भी चुरा लिए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपए है। इतना ही नहीं चोरी के रुपयों में से 31 हजार रुपये भी उन्होंने अपने बैंक अकाउंट में जमा कर दिए। हालांकि, ये शातिर नकबजन घटना करते समय एक गलती कर गए। दरअसल नकबजनों ने पवन अग्रवाल के यहां वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पड़ोस के घर के दरवाजे का भी नकूचा उचका दिया, लेकिन इस दौरान वे वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गए, और यही सुराग उन्हें कानून के शिकंजे में ले आया। खास बात तो यह रही कि जब पुलिस इस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही थी, उस वक्त आरोपी पुलिस की हर हरकत पर नजर भी रख रहे थे।
एसपी रॉय ने किया घटना का खुलासा
इधर इस नकबजनी का खुलासा करते हुए खंडवा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि फरियादी पवन अग्रवाल 12 जनवरी को जब राजस्थान के नाथ द्वारा गए थे तभी उनके घर एक बड़ी चोरी हो गई। जिस पर चोरों ने उनके घर से सोने-चांदी के जेवरात सहित नगदी पर हाथ साफ कर दिया था। चोरों की जानकारियां निकालने के साथ ही हमने तुरंत वहां के आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे और काम करने वालों से पूछताछ की। उसमें बड़े अहम सुराग हाथ लगे, जिसमें पता चला कि पड़ोस में रहने वाले ही दो व्यक्तियों के ड्राइवर, इस घटना के समय संदिग्ध हालत में देखे गए थे, जिस पर से पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो दोनों ही आरोपियों ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया। इनमें एक विनोद सोनी और दूसरा अखिलेश गुर्जर है। दोनों खंडवा के ही रहने वाले हैं और दोनों ही ड्राइवर का काम करते हैं। पुलिस ने आरोपियों के बताए हुए स्थान पर दबिश देकर सोने-चांदी की 9 से 10 लाख रुपए कीमत की ज्वेलरी जब्त की है। साथ ही 71 हजार रुपये नगद भी उनसे जब्त हुए हैं। वहीं 31 हजार रुपए आरोपियों ने अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए थे। जिसे भी पुलिस रिकवर करने में जुटी हुई है। अब पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर शहर में हुई अन्य चोरियों की वारदात में भी इनकी संलिप्तता की जांच करेगी।