गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाना संचालकों को भारी पड़ गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और पुलिस की हिदायत के बावजूद निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर बैतूल पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली और गंज थाना पुलिस ने कुल 10 डीजे संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें कोतवाली थाना क्षेत्र के 8 और गंज थाना क्षेत्र के 2 डीजे संचालक शामिल हैं। पुलिस अब डीजे जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन ने सभी डीजे संचालकों को निर्देश दिए थे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही डीजे बजाया जाए। तेज आवाज से मरीजों, बुजुर्गों और आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद कुछ डीजे संचालकों ने नियमों की अनदेखी करते हुए तेज आवाज में डीजे बजाया। जुलूस के दौरान पुलिस ने ध्वनि स्तर की निगरानी की और नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों को चिन्हित किया।
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इसके बाद कोतवाली और गंज थाना पुलिस ने कोलाहल अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10 डीजे संचालकों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार मामलों की जांच जारी है। जांच में ध्वनि सीमा के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित डीजे सिस्टम जब्त किया जाएगा और संचालकों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद डीजे संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था के आयोजनों में भी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। आने वाले त्योहारों में भी ध्वनि सीमा और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।