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सिरमौर: ओवरलोड ट्राले बने सिरदर्द, खजूरना पुल के पास फिर लगा लंबा जाम
Ankesh Dogra
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:03 AM IST
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चंडीगढ़-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर खजूरना पुल के समीप मंगलवार सुबह खनन सामग्री से लदा एक ट्राला सड़क पर फंस गया। ट्राले के फंसने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। अगस्त महीने में खनन सामग्री से लदे भारी वाहनों के कारण इस मार्ग पर जाम लगने की यह तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है।
मंगलवार सुबह जाम का असर उस समय देखने को मिला, जब स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वाले लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। जाम में स्कूल बसों के साथ एचआरटीसी और निजी बसें भी फंस गईं। एंबुलेंस समेत कई अन्य वाहन भी जाम में फंसे रहे। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इससे पहले 8 अगस्त को नाहन-खजूरना पुल के पास खनन सामग्री से लदा ओवरलोड ट्राला फंस गया था। इसके चलते चंडीगढ़-देहरादून एनएच करीब छह घंटे तक बाधित रहा था। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद पुलिस को यातायात सामान्य करवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ट्राले का चालान भी किया था। पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई में ट्राले पर करीब 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
इसके बाद 21 अगस्त को नाहन-मारकंडा के समीप खनन सामग्री से लदे दो बड़े ट्राले हाईवे पर फंस गए थे। इस वजह से एनएच-07 पर करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतारें लगने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रालों को हटवाया और इसके बाद यातायात बहाल हो पाया था।
अब मंगलवार को खजूरना पुल के पास फिर ट्राला फंसने की घटना ने भारी वाहनों की आवाजाही और ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि कालाअंब से पांवटा साहिब तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन-रात खनन सामग्री से लदे भारी वाहन दौड़ते हैं। यदि वाहनों की क्षमता और नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए तो इस तरह हाईवे पर बार-बार यातायात बाधित होने की समस्या को कम किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग से मांग की है कि खनन सामग्री ढोने वाले भारी वाहनों की नियमित जांच की जाए और ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु रहने के साथ स्कूली बच्चों, मरीजों, कर्मचारियों और आम यात्रियों को बार-बार जाम की परेशानी न झेलनी पड़े।
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