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Sirmour News: मशरूम उत्पादन से चमकेगी किस्मत, 22 युवाओं को दिए आत्मनिर्भरता के मंत्र
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यूकोआरसेटी ने दिया प्रशिक्षण, सीखे कम लागत में बंपर मुनाफे के गुर, बाजार और मार्केटिंग की बारीकियां सीखीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी को मात देकर युवाओं को जॉब सीकर से जॉब प्रदाता बनाने की दिशा में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी नाहन) ने एक और बड़ा और ठोस कदम उठाया है।
संस्थान ने क्षेत्र के 22 बेटे और बेटियों को 10 दिन मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान करके उनके लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं। इस गहन प्रशिक्षण का सीधा मकसद स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीण आर्थिकी को एक मजबूत और नया आधार देना है।
इस विशेष रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम का आगाज संस्थान की निदेशक नवज्योत कौर की देखरेख में हुआ। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि मशरूम की खेती आज के दौर में कृषि क्षेत्र का सबसे उभरता हुआ और मुनाफेदार कारोबार है। इसके लिए किसी बड़ी जमीन या भारी-भरकम पूंजी की जरूरत नहीं होती, बल्कि बंद कमरों और कम लागत में भी इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जा सकता है।
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संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विषय विशेषज्ञ प्रवीण कुमार ने युवाओं को पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उगाने की तकनीक सिखाई। उन्होंने कंपोस्ट (खाद) तैयार करने, कवकनाशी प्रबंधन, बीजाई (स्पॉनिंग) और सही तापमान व नमी बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ खेती करना नहीं सिखाया, बल्कि मार्केटिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और कमर्शियल सेल्स के गुर भी दिए।
उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय बाजारों से लेकर होटलों और बद्दी-सोलन जैसी बड़ी मंडियों में अपने उत्पाद को सीधे सप्लाई कर बिचौलियों के चंगुल से बचा जा सकता है। आखिरी दिन प्रशिक्षुओं की कड़ी परीक्षा ली गई। वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ताओं कुंदन और नाभि राम महत्ता ने कोर्स के दौरान सिखाए गए हर एक पहलू पर लिखित और प्रैक्टिकल टेस्ट लिया। इसके बाद सभी सफल अभ्यर्थियों को संस्थान ने प्रमाण पत्र वितरित किए। संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि इन युवाओं को सिर्फ ट्रेनिंग देकर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि इन्हें फील्ड में अपना खुद का काम शुरू करने तक पूरा मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी को मात देकर युवाओं को जॉब सीकर से जॉब प्रदाता बनाने की दिशा में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (यूको आरसेटी नाहन) ने एक और बड़ा और ठोस कदम उठाया है।
संस्थान ने क्षेत्र के 22 बेटे और बेटियों को 10 दिन मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान करके उनके लिए समृद्धि के नए द्वार खोल दिए हैं। इस गहन प्रशिक्षण का सीधा मकसद स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीण आर्थिकी को एक मजबूत और नया आधार देना है।
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इस विशेष रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम का आगाज संस्थान की निदेशक नवज्योत कौर की देखरेख में हुआ। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि मशरूम की खेती आज के दौर में कृषि क्षेत्र का सबसे उभरता हुआ और मुनाफेदार कारोबार है। इसके लिए किसी बड़ी जमीन या भारी-भरकम पूंजी की जरूरत नहीं होती, बल्कि बंद कमरों और कम लागत में भी इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया जा सकता है।
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संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विषय विशेषज्ञ प्रवीण कुमार ने युवाओं को पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उगाने की तकनीक सिखाई। उन्होंने कंपोस्ट (खाद) तैयार करने, कवकनाशी प्रबंधन, बीजाई (स्पॉनिंग) और सही तापमान व नमी बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ खेती करना नहीं सिखाया, बल्कि मार्केटिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और कमर्शियल सेल्स के गुर भी दिए।
उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय बाजारों से लेकर होटलों और बद्दी-सोलन जैसी बड़ी मंडियों में अपने उत्पाद को सीधे सप्लाई कर बिचौलियों के चंगुल से बचा जा सकता है। आखिरी दिन प्रशिक्षुओं की कड़ी परीक्षा ली गई। वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ताओं कुंदन और नाभि राम महत्ता ने कोर्स के दौरान सिखाए गए हर एक पहलू पर लिखित और प्रैक्टिकल टेस्ट लिया। इसके बाद सभी सफल अभ्यर्थियों को संस्थान ने प्रमाण पत्र वितरित किए। संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि इन युवाओं को सिर्फ ट्रेनिंग देकर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि इन्हें फील्ड में अपना खुद का काम शुरू करने तक पूरा मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग सपोर्ट दिया जाएगा।