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सिरमौर: डॉ. राजीव बिंदल बोले- धौलाकुआं अनाज मंडी बंद करने का फैसला किसान विरोधी
Ankesh Dogra
Updated Tue, 15 Sep 2026 03:30 PM IST
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धौलाकुआं में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई अनाज मंडी को बंद करने के प्रदेश सरकार के फैसले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मंडी बंद करने के निर्णय को किसान और जनविरोधी बताते हुए कहा कि लंबे प्रयासों के बाद शुरू हुई इस मंडी को बंद करने के बजाय सरकार को इसका विस्तार करना चाहिए था।
डॉ. बिंदल ने कहा कि धौलाकुआं अनाज मंडी क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सुविधा बनकर सामने आई थी। मंडी शुरू होने से पहले नाहन और पांवटा साहिब क्षेत्र के किसानों को धान और गेहूं बेचने के लिए हरियाणा की मंडियों पर निर्भर रहना पड़ता था। वहां फसल बेचने के बाद भुगतान मिलने में किसानों को काफी समय इंतजार करना पड़ता था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धौलाकुआं मंडी में किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद 24 से 48 घंटे के भीतर भुगतान मिल जाता था। इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलती थी और उन्हें बाहरी मंडियों के चक्कर नहीं काटने पड़ते थे।
उन्होंने कहा कि मंडी बंद होने की स्थिति में क्षेत्र के किसानों के सामने दोबारा अपनी फसल बेचने को लेकर परेशानी खड़ी हो जाएगी। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को अपनी उपज लेकर दूर की मंडियों तक जाना पड़ेगा, जिससे परिवहन खर्च और समय दोनों बढ़ेंगे।
डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले चार वर्षों में धौलाकुआं अनाज मंडी का विस्तार किया जाना चाहिए था। मंडी में पक्का फड़, शेड और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए थीं, ताकि बारिश और खराब मौसम के दौरान किसानों की फसल सुरक्षित रह सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मंडी की कमियों को दूर करने और सुविधाओं को मजबूत करने के बजाय इसे बंद करने की स्थिति पैदा कर दी। उनके अनुसार, मंडी को बंद करना किसानों की समस्या का समाधान नहीं है। इसके बजाय सरकार को यहां आधारभूत ढांचा विकसित कर किसानों को बेहतर बाजार सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।
डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री से मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धौलाकुआं अनाज मंडी को बंद करने का फैसला वापस लिया जाना चाहिए और मंडी में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की उचित बिक्री, समय पर भुगतान और स्थानीय स्तर पर बाजार की सुविधा कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। ऐसे में मंडी को बंद करने के बजाय इसे और अधिक उपयोगी बनाया जाना चाहिए।
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