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एक्सपोर्ट-इंपोर्ट: भारत का निर्यात 43.81 अरब डॉलर पार, व्यापार घाटा घटा; जानिए सोने के आयात पर क्या है अपडेट

Tue, 15 Sep 2026 03:09 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 15 Sep 2026 03:09 PM IST
सार

अगस्त 2026 में भारत का निर्यात 26.12 फीसदी बढ़कर 43.81 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि व्यापार घाटा 26.86 अरब अमेरिकी डॉलर पर सिमट गया। जानें इन आंकड़ों का अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर क्या असर होगा।

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India's Exports Cross USD 43.81 Billion, Trade Deficit Narrows
आयात-निर्यात के आंकड़े - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारत के लिए आर्थिक मोर्चे पर अच्छी खबर है। अगस्त 2026 में देश का निर्यात 26.12 फीसदी बढ़कर 43.81 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में व्यापार घाटा भी कम होकर 26.86 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। यह पिछले साल अगस्त के 27.2 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक सकारात्मक संकेत है।

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वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि अगस्त में आयात भी करीब 14.1 फीसदी बढ़कर 70.76 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। पिछले साल अगस्त में यह 61.96 अरब अमेरिकी डॉलर था। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-अगस्त) के दौरान निर्यात 17.85 फीसदी की वृद्धि के साथ 215.91 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसी अवधि में आयात 18.21 फीसदी बढ़कर 363 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है।

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निर्यात में इतनी वृद्धि क्यों हुई?

अगस्त में निर्यात में मजबूत वृद्धि देखी गई है। वाणिज्य सचिव के अनुसार, इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा जैसे कई क्षेत्रों ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन क्षेत्रों में उत्पादन और मांग बढ़ने से निर्यात को गति मिली है। भारत के उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी है।

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भारत के निर्यात को अमेरिका, ईयू, ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से अच्छी मांग मिली है। यह दर्शाता है कि भारतीय उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ रही है। विभिन्न देशों के साथ व्यापार संबंधों में मजबूती भी इस वृद्धि का एक कारण है। यह सकारात्मक गति आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

व्यापार घाटा कैसे कम हुआ?

व्यापार घाटा तब होता है जब किसी देश का आयात उसके निर्यात से अधिक हो जाता है। अगस्त 2026 में भारत का व्यापार घाटा 26.86 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो अगस्त 2025 के 27.2 अरब अमेरिकी डॉलर से कम है। यह कमी मुख्य रूप से निर्यात में मजबूत वृद्धि और सोने के आयात में भारी गिरावट के कारण हुई है।

अगस्त में सोने का आयात 57.7 फीसदी घटकर 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। अगस्त 2025 में यह 5.4 अरब अमेरिकी डॉलर था। सोने के आयात में यह बड़ी गिरावट व्यापार घाटे को कम करने में सहायक रही है। निर्यात में आयात के मुकाबले अधिक वृद्धि ने भी घाटे को नियंत्रित करने में मदद की है।

इन आंकड़ों का आम आदमी पर क्या असर होगा?

बढ़ते निर्यात और घटता व्यापार घाटा देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत हैं। निर्यात बढ़ने से घरेलू उद्योगों को फायदा होता है। इससे उत्पादन बढ़ता है और नए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। यह देश की आर्थिक वृद्धि को गति देता है।



कम व्यापार घाटा देश की विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति को मजबूत करता है। यह रुपये को स्थिरता प्रदान करने में भी सहायक होता है। सोने के आयात में कमी से देश कीमती विदेशी मुद्रा बचा पाता है। कुल मिलाकर, ये आंकड़े एक मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करते हैं, जिसका लाभ अंततः आम नागरिक को मिलता है।

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