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मंडी: मिलेट्स उत्सव में धर्मपुर एफपीओ के उत्पादों की धूम, दोपहर तक बिक गया सारा सामान
मोटे अनाज से बने उत्पादों की बढ़ती मांग का अंदाजा कैरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी हमीरपुर में आयोजित मिलेट्स उत्सव में देखने को मिला। यहां धर्मपुर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के स्टॉल पर दोपहर के भोजन के समय तक ही सारा सामान बिक गया। कोदरे के लड्डू, मिलेट्स चाय, आटा, शुगर कंट्रोल आटा और स्थानीय हल्दी पाउडर समेत अन्य उत्पादों को लोगों ने खूब पसंद किया। मांग को देखते हुए एफपीओ ने तीन नवंबर को उत्सव के अंतिम दिन दोबारा स्टॉल लगाने का निर्णय लिया है।
उत्सव में एफपीओ धर्मपुर के सचिव भूपेंद्र सिंह ने सेमिनार में भाग लिया। वहीं, संगठन के उत्पादों की बिक्री के लिए मार्केटिंग प्रभारी रजनी सकलानी और रीता देवी ने स्टॉल का संचालन किया। स्टॉल पर कोदरे के लड्डू, मिलेट्स चाय, आटा, पपीते के पेड़े, शुगर कंट्रोल आटा, रामबाण, हरड़ और लसूडों का अचार तथा स्थानीय हल्दी पाउडर बिक्री के लिए उपलब्ध करवाए गए थे।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि रहे। मिलेट्स मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री खादर वली और हिमाचल के मिलेट्स मैन नेकराम शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।
नेकराम शर्मा ने पारंपरिक बीजों के संरक्षण और उनकी खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं, खादर वली ने भोजन में मोटे अनाज को शामिल करने की आवश्यकता बताई और इनके अधिक सेवन पर बल दिया।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार हल्दी और मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने के साथ जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयास कर रही है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में भी इन विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, सहकारी समितियों और एफपीओ को हरसंभव सहयोग देगी।
एफपीओ सचिव भूपेंद्र सिंह ने कैरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजीव शर्मा से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय धर्मपुर एफपीओ के सहयोग से क्षेत्र के दो-तीन गांवों को मिलेट्स उत्पादन और उनसे उत्पाद तैयार करने के लिए गोद ले।
उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। धर्मपुर क्षेत्र के कई विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्हें भी मिलेट्स उत्पादन और इससे जुड़े व्यावसायिक अवसरों के प्रति प्रेरित किया जा सकता है।
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