Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Rohtak News
›
Rohtak SI Sandeep commits suicide; his wife received a job offer in Kaithal; Khap panchayat to meet CM on December 17.
{"_id":"693e86b472b50e601901cf16","slug":"video-rohtak-si-sandeep-commits-suicide-his-wife-received-a-job-offer-in-kaithal-khap-panchayat-to-meet-cm-on-december-17-2025-12-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"रोहतक एसआई संदीप सुसाइड; पत्नी को कौशल में नौकरी का आया ऑफर, 17 दिसंबर को सीएम से मिलेगी खाप पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतक एसआई संदीप सुसाइड; पत्नी को कौशल में नौकरी का आया ऑफर, 17 दिसंबर को सीएम से मिलेगी खाप पंचायत
एएसआई संदीप सुसाइड मामले को लेकर लाढ़ौत मोड़ स्थित फार्म हाउस पर रविवार को खाप पंचायत हुई। पंचायत में संदीप के चचेरे भाई ने खुलासा किया कि पांच दिन पहले ऑफर आया कि हरियाणा कौशल निगम के तहत नौकरी चाहिए तो कागजात लेकर आ जाएं। जबकि सरकार ने पक्की नौकरी का वादा किया था। मामले को लेकर अब खाप पंचायतों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री नायब सैनी से पंचकूला में जाकर मिलेगी।
करीब 12 बजे लाढ़ोत मोड़ बाईपास पर पंचायत शुरू हुई। पंचायत में जुलाना से लाठर खाप के प्रधान बसाऊ लाठर, पूर्व पार्षद वेदपाल लाठर, शादीपुर के पूर्व सरपंच कुलवंत लाठर, किरसौला के पूर्व सरपंच एवं मंडी एसोसिएशन प्रधान राजपाल लाठर, मास्टर पूर्ण सिंह दलाल, जुलाना बार के प्रधान जोगेंद्र शर्मा के बेटे सुशील शर्मा, राजेंद्र लाठर, कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल, देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल व अन्य लोग मौजूद रहे। पंचायत में संदीप के चचेरे भाई भूपसिंह लाठर ने बताया कि पांच दिन पहले संदीप की पत्नी संतोष के पास फोन आया। अगर एचकेआरएन के तहत ज्वाइन करना है तो कागजात लेकर आ जाएं। इसके बाद संदीप के ममेरे भाई संजय लाढ़ौत के पास फोन आया। जबकि मुख्यमंत्री व सरकार से पक्की नौकरी एमडीयू के कैंपस स्कूल में पीजीटी लेक्चरर के तौर पर नौकरी देने पर बात हुई थी। बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद के लिए अब तक घर पर कोई नहीं आया है। यह तक नहीं पूछा कि आप किस हाल में हैं।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट हैं, जांच तक का ब्यौरा तक नहीं दिया
भूपसिंह ने बताया कि मामले की पुलिस जांच से वे पूरी तरह असंतुष्ट हैं। अब तक यह नहीं बताया गया कि किस-किस से क्या पूछताछ हुई है। गिरफ्तारी तो दूर की बात है। एफआईआर की जांच कर यह तक नहीं बताया गया कि कौन दोषी हैं। एडीजीपी के गनमैन सुशील कुमार को ने प्रोडक्शन वारंट तक भी नहीं लिया। आरोपी को जमानत मिल गई। शायद मामले को गोलमोल घुमाना चाह रही है। लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
ये वादे भी पूरे नहीं किए।
- शहीद का दर्जा नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने एएसआई संदीप की अस्थियों को हर जिले में लेकर जाएंगे। संदीप के नाम से हर साल किसी न किसी ईमानदार अधिकारी को पुरस्कार देने की बात कही गई थी। अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।