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Mahendragarh: 15 animals affected by Lumpy Skin Disease; most have recovered. Appeal made to contact the veterinary hospital if symptoms appear in animals.
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महेंद्रगढ़: लंपी बीमारी से 15 पशु प्रभावित, अधिकांश हुए स्वस्थ, पशुओं में लक्षण दिखाई देने पर - चिकित्सालय से संपर्क करने की अपील
राजकीय पशु चिकित्सालय बाघोत के अंतर्गत आने वाले छह गांवों में पशुओं में लंपी बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद पशु चिकित्सा विभाग की ओर से निगरानी और उपचार किया जा रहा है। राजकीय पशु चिकित्सालय बाघोत के डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गाहड़ा, सीहोर, छीथरोली, उच्चत, बाघोत और झाड़ली गांवों में करीब 15 पशुओं में लंपी बीमारी के लक्षण पाए गए थे।
उपचार और देखभाल के बाद अधिकांश पशु अब स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में केवल चार से पांच पशु ही उपचाराधीन हैं। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लंपी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को घबराने की बजाय तुरंत सतर्कता बरतनी चाहिए। पशु के शरीर पर गांठें या त्वचा पर असामान्य उभार दिखाई देना, बुखार, पशु का खाना कम करना या कमजोरी जैसे लक्षण नजर आने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे बीमारी के लक्षण वाले पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें और उसके खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि पशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पशु के आसपास के स्थान को साफ रखने के साथ-साथ पशुपालकों को पशु चिकित्सालय से आवश्यक सलाह और उपचार लेना चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान होने और उपचार मिलने से पशु के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है। डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि पशुपालकों की जागरूकता इस बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पशुपालक अपने पशुओं की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत राजकीय पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।
वहीं, जयभगवान सहायक ने भी पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। समय रहते पशु चिकित्सकों को जानकारी देने से बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं के खान-पान, साफ-सफाई और स्वास्थ्य पर नियमित रूप से ध्यान देने का आह्वान किया।
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