{"_id":"6a79db03a1278ba7210dc2ad","slug":"video-protesters-marched-from-the-jhajjar-grain-market-to-the-mini-secretariat-but-refused-to-submit-a-memorandum-to-the-tehsildar-2026-08-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"झज्जर अनाज मंडी से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे थे प्रदर्शनकारी, तहसीलदार को ज्ञापन देने से किया इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झज्जर अनाज मंडी से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे थे प्रदर्शनकारी, तहसीलदार को ज्ञापन देने से किया इंकार
झज्जर। ट्रेड यूनियनों व संयुक्त किसान मोर्चे के “जेल भरो, रास्ता रोको, रेल रोको” अभियान के तहत सोमवार को जिले के विभिन्न किसान मजदूर संगठनों, सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं, समर्थकों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और उसके बाद गिरफ्तारी दी। इससे पहले सभी अनाज मंडी परिसर में एकत्रित हुए और सभा का आयोजन किया गया। इसके बाद सभी नारे कर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पुलिस ने पहले से ही बेरीकेड्स लगाकर रास्ता बंद किया हुआ था। यहां पर प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम या डीसी को बुलाने की मांग की ताकि ज्ञापन दे सके। कुछ देर बाद तहसीलदार ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इन्कार कर दिया। कुछ देर तक अधिकारियों के नहीं आने पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और बेरीकेड्स हटाकर अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उनको मौके पर ही रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अंदर जाने नहीं दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस, प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद एसडीएम रवि मीणा मौके पर पहुंचे। एसडीएम को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शनकारी मांग करते रहे कि जब तक गाड़ियां बुलाकर उनको गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक वह नहीं जाएंगे। उसके बाद रोडवेज बसों को मौके पर बुलाया गया और उसमें बैठकर प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारियां दी। लघु सचिवालय से प्रदर्शनकारियों को बसों में ले जाकर पुलिस लाइन में छोड़ दिया गया। इसके बाद सभी वापस चले गए।
किसानों व मजदूरों की आर्थिक स्थिति हो रही खराब : जयकरण किसान नेता जयकरण मांडौठी ने बताया कि सरकार की कॉर्पोरेट हितैषी नीतियों के चलते किसानों और मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ज्ञापन में भारत अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने, सभी फसलों की खरीद की गारंटी सी2 +50% के तहत देने, बिजली बिल व बीज बिल 2025 वापस लेने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, किसान-मजदूरों को कर्ज माफी देने, मनरेगा स्कीम को बहाल कर मजदूरों को साल में 200 दिन काम और 700 रुपये दिहाड़ी देने, चार लेबर कोड रद्द करने, ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, खाली पदों को भरने, आशा,मिड डे मील, आंगनबाड़ी सहित सभी स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने, निर्माण श्रमिकों पंजीकरण व हितलाभ प्रकिया सरल बनाने की मांग की गई है। इस अवसर पर सूबेदार चरण सिंह, सुरेंद्र सिंह सिवाच, कै. सतबीर सिंह, सुनील कुमार, दिलबाग सिंह दलाल, सुमित छिकारा, जगबीर सिंह, अमित दलाल उर्फ चिंटू प्रधान, रमेश जाखड़, बंसीलाल, प्रवेश मातनहेल, किरण बरहाना, रणबीर सिंह, रामकिशन, संदीप, प्रकाशी देवी, मा. बलबीर सिंह मौजूद थे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।