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Farmers face difficulties regarding paddy procurement at the Hansi grain market; prices for '1509' variety paddy have fallen, and the procurement of 'PR' variety paddy is also slow.
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हांसी अनाज मंडी में धान खरीद को लेकर किसानों की परेशानी, 1509 धान की कीमत में गिरावट; PR धान की खरीद भी धीमी
अनाज मंडी में धान की खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन समय पर खरीद और उठान न होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि 1509 धान की कीमत में गिरावट आई है, वहीं अब पीआर धान की खरीद भी धीमी गति से हो रही है। इसके चलते मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि मंडी में धान की खरीद में देरी के साथ-साथ खरीदी गई फसल का उठान भी समय पर नहीं हो रहा है। इससे मंडी में अनाज के ढेर लग रहे हैं और नई फसल लाने वाले किसानों को भी परेशानी हो रही है। किसानों के अनुसार, जब तक पहले से आई फसल का उठान नहीं होगा, तब तक मंडी में व्यवस्था सुचारू होना मुश्किल है।
किसानों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि 1509 धान की फसल से उन्हें उम्मीद के मुताबिक भाव नहीं मिल रहा है। कई किसान कम दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। वहीं, पीआर धान की सरकारी खरीद भी अपेक्षित गति से नहीं हो रही है। किसानों को उम्मीद थी कि सरकारी खरीद शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन खरीद में देरी और उठान की समस्या ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता फसल की खरीद के बाद भुगतान को लेकर है। उनका कहना है कि न तो समय पर फसल की खरीद हो रही है, न ही खरीदे गए धान का उठान हो रहा है, और जिन किसानों की फसल बिक चुकी है, उनमें से कई के खातों में अभी तक भुगतान की राशि नहीं पहुंची है। इससे किसानों को अपनी अगली फसल और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने प्रशासन और संबंधित खरीद एजेंसियों से मांग की है कि मंडी में धान की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, खरीदे गए धान का जल्द उठान करवाया जाए और किसानों की बकाया भुगतान राशि उनके खातों में जल्द भेजी जाए। किसानों का सवाल है कि जब वे अपनी मेहनत से फसल तैयार करके मंडी तक पहुंचा रहे हैं, तो उन्हें अपनी उपज बेचने, उसका उठान करवाने और भुगतान हासिल करने के लिए इतनी परेशानियों से क्यों गुजरना पड़ रहा है। किसानों ने व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है।
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