Iपीएनजी की आपूर्ति को लेकर शहर में पहले चरण में बनने है 10 डीआरएस
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लेकिन निगम प्रशासन की ओर से समय पर नहीं उपलब्ध कराई जा रही जमीनI
Iशहरवासियों को अभी पीएनजी से पके भोजन का स्वाद लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। गैस आपूर्ति के लिए डिस्ट्रिक रेगूलेटिंग स्टेशन (डीआरएस) चाहिए और डीआरएस लगाने के लिए नगर निगम जमीन उपलब्ध नहीं करा रहा। न जमीन पैसे लेकर दी जा रही है और न ही लीज पर ऐसे में पीएनजी की आपूर्ति में दिनोंदिन देरी होती जा रही है। वहीं नगर निगम कंपनी को जमीन खरीद का भुगतान लौटाने में भी आनाकानी कर रहा है।I
Iदरअसल, गेल गैस इंडिया की ओर से शहर में पीएनजी लाइन बिछाने का कार्य गतिमान है। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि शहर के 33 वार्डों में लाइन बिछाने का कार्य तो तेजी से हो रहा है, लेकिन डीआरएस लगाने का कार्य रुका पड़ा है। जबकि डीआरएस के बगैर घरों तक पीएनजी की आपूर्ति होनी नामुमकिन है। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी को डीआरएस निर्माण के लिए नगर निगम को जमीन उपलब्ध करानी थी, लेकिन अभी तक जमीन नहीं दी गई।
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Iइसको लेकर कईं बार लीज पर ही जमीन उपलब्ध कराने के लिए निगम प्रशासन को पत्र भेज चुका है, लेकिन जमीन तो छोड़िये अधिकारी जवाब देना भी जरूरी नहीं समझ रहें। ऐसे में डीआरएस का निर्माण फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़ा है। इसके अलावा जमीन खरीद का भुगतान लौटाने में भी आनाकानी की जी रही है।I
Iनगर निगम को डीआरएस के लिए उपलब्ध करानी है जमीन
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Iपीएनजी की आपूर्ति को लेकर शहर के सौ वार्डों में पहले चरण में 10 डीआरएस स्थापित होने हैं। इसके लिए नगर निगम को कंपनी को जमीन उपलब्ध करानी थी। जबकि कंपनी को जमीन का भुगतान करना था। वहीं कंपनी की ओर से जमीन खरीद का लाखों रुपये का भुगतान दो साल पहले ही नगर निगम को कर दिया गया, लेकिन जमीन आज तक नहीं मिल पाई है। ट्रांसपोर्ट नगर और आईएसबीटी के पास एमडीडीए परिसर में डीआरएस स्थापित हो चुके हैं। वहीं गढ़ी कैंट और हाईवे पर डीआरएस का निर्माण अभी सेना की अनुमति न मिलने से रुका है। अनुमति मिलते ही दोनों स्थानों पर कार्य शुरू हो जाएगा। ऐसे में छह डीआरएस के लिए जमीन उपलब्ध कराना नगर निगम को मुश्किल हो रहा है।I
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मोथरोवाला जोनल कार्यालय की जमीन पर नहीं दिला सके कब्जाI
Iनेहरू कॉलोनी और मोथरोवाला में नगर निगम ने कंपनी को जमीन उपलब्ध कराई, लेकिन कब्जा दिलाने में नाकाम रहे। दरअसल, निगम प्रशासन ने अपने जोनल कार्यालय मोथरोवाला में डीआरएस के लिए जमीन उपलब्ध कराई, लेकिन जैसे ही पैमाइश के लिए पहुंचे तो पार्षद समेत स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया। इसके साथ ही नेहरू कॉलोनी के पार्क में बनने वाला डीआरएस भी ठंडे बस्ते में चला गया। करीब 10 महीने से मामला ठंडा पड़ा है।I
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168 वर्गमीटर जमीन निगम के पास नहींI
Iकंपनी को एक डीआरएस के लिए न्यूनतम 28 वर्गमीटर जमीन की जरूरत रहती है। ऐसे में कंपनी को फिलहाल छह केंद्रों के लिए 168 वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता है, लेकिन नगर निगम न तो कंपनी को भुगतान और न ही लीज पर जमीन उपलब्ध करा सका है।I
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Iनगर निगम प्रशासन को जमीन खरीद के लिए भुगतान किया गया है। लीज पर भी भूमि उपलब्ध कराने के लिए कई बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। डीआरएस के निर्माण के लिए जल्द जमीन की आवश्यकता है। -मीनाक्ष त्रिपाठी, जीएम, गेल गैस इंडियाI शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद