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संतान सुख प्राप्ति हेतु प्रभावी है शरद पूर्णिमा पूजा, जरूर जानें यह पौराणिक कथा
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एक्सक्लूसिव: यहां वृद्ध और दिव्यांग इतने खुद्दार कि मिल रही सरकारी पेंशन से कर रहे इंकार

बहुधा सरकार द्वारा वंचित वर्ग के लिए संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का संपन्न वर्ग के लोग जानकारी छिपाकर लाभ लेते हैं, लेकिन दूसरी ओर ऐसे भी ईमानदार लोग हैं जो आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद वृद्धावस्था, दिव्यांग पेंशन लौटा रहे हैं।

देहरादून जिला समाज कल्याण विभाग में पिछले दो महीनों में 30 पेंशनरों ने पेंशन बंद कराने का आग्रह किया है। इनमें अधिकांश ऐसे वृद्ध हैं जो पहले आर्थिक रूप से कमजोर थे, मगर अब उनके बेटे व पोते की सरकारी एवं निजी नौकरी लगी है या किसी ने व्यवसाय शुरू किया है।


अब उन्हें सदस्यों से खर्चे के लिए पर्याप्त पैसे मिल रहे हैं। साथ ही अब वे पात्रता श्रेणी से भी बाहर हो चुके हैं। पेंशन बंद कराने के लिए विभाग में पिछले एक साल में 120 से ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

अमर उजाला एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में बंजर भूमि पर सगंध खेती से महकी किसानों की जिंदगी

बंजर भूमि से मुनाफा कमाने के लिए किसानों के हाथ सगंध खेती की तरफ बढ़ रहे हैं। प्रदेश के हजारों किसानों ने क्लस्टर आधारित सगंध फसलों की खेती को अपनाया है। जिससे राज्य में एरोमा क्षेत्र का सालाना कारोबार 72 करोड़ पहुंच गया है। पहली बार प्रदेश में सगंध पौधों से 12 तरह के सुगंधित तेलों का व्यावसायिक उत्पादन किया जा रहा है। इन तेलों को परफ्यूमरी उद्योगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। 

प्रदेश में खेती को मुनाफे में लाने के लिए सरकार का क्लस्टर आधारित सगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर है। पहाड़ों में खाली पड़ी बंजर भूमि पर सगंध पौधों की खेती कर किसान ज्यादा आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। किसानों के उत्पादित तेल की मार्केटिंग के लिए सरकार ने इंतजाम किया है। वहीं, 22 प्रकार के सुगंधित तेलों का सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। उत्तराखंड सगंध फसलों से निकलने वाले इन तेलों की एमएसपी निर्धारित करने वाला देश का पहला राज्य है। 

प्रदेश में अब तक 21 हजार से अधिक किसानों ने 7600 हेक्टेयर बंजर भूमि पर सगंध फसलों की खेती अपनाई है। एरोमा खेती से जहां किसानों को जंगली जानवरों व बंदरों की समस्या से निजात मिली है। वहीं, पारंपरिक फसलों से ज्यादा आय हो रही है। सगंध पौध केंद्र (कैप) के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण देकर क्लस्टर खेती के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। 
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उत्तराखंड: सीएम त्रिवेंद्र और नाराज मंत्री हरक सिंह रावत के बीच आज होगी मुलाकात

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और श्रम मंत्री हरक सिंह के बीच आखिरकार मुलाकात तय हो गई है। दोनों के बीच आज बृहस्पतिवार को देहरादून में ही मुलाकात होगी। इस मुलाकात के बाद हरक सिंह पिछले कुछ समय से अख्तियार की गई अपनी खामोशी को भी तोड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, सीएम और श्रम एवं वन मंत्री के बीच दोपहर बाद मुलाकात होगी। यह तय भी हो गया है और श्रम मंत्री ने भी इसकी सहमति दे दी है। भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर श्रम मंत्री हरक सिंह खासे नाराज हैं।


उनका कहना है कि बिना उनकी जानकारी में लाए ही बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया। हरक सिंह की कोशिश थी कि बोर्ड के कार्यकाल को एक साल और बढ़ा दिया जाए। ऐसे में बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया गया और हरक सिंह को इसकी जानकारी बाद में मिली। बोर्ड के पुनर्गठन में हरक सिंह बोर्ड अध्यक्ष पद से बाहर हो गए थे।

इसके बाद से ही हरक सिंह ने चुप्पी साध ली थी। दो ऐसे अवसर भी आए जब हरक सिंह और सीएम को एक ही कार्यक्रम में शामिल होना था। इन दोनों ही कार्यक्रमों से हरक सिंह किनारा कर गए। यहां तक की एक कार्यक्रम उनके अपने वन महकमे का था।

ई आफिस के शुभारंभ के इस समारोह के लिए विशिष्ट अतिथि के रूप में हरक सिंह को भी आमंत्रित किया गया था। इस पर हरक सिंह का कहना था कि उन्हें जानकारी तब दी गई जब उनके अन्य कार्यक्रम तय हो गए। एक अन्य समारोह आयुष अस्पताल के उद्घाटन का था, जिसमें सीएम के साथ हरक सिंह को भी न्योता था। हरक इस कार्यक्रम में भी नहीं आए थे।
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Unlock -5.0: उत्तराखंड के स्थानीय मार्गों पर आज से चलेंगी 76 छोटी अनुबंधित बसें 

Corona in Uttarakhand: 304 संक्रमित मिले, दो की मौत, मरीजों की संख्या 61 हजार पार 

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 304 संक्रमित मरीज मिले हैं। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 61 हजार पार हो गया है। साथ ही 463 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को 11743 सैंपल जांच में निगेटिव मिले हैं। केदारनाथ विधायक मनोज रावत भी पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने 23 अक्तूबर को अगस्त्यमुनि में टेस्ट कराया था। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आज वे दून अस्पताल में भर्ती हुए हैं।

लगभग चार महीने के बाद प्रदेश में एक दिन में सबसे कम दो मरीजों की मौत हुई है। अभी तक एक दिन में सबसे अधिक 20 मरीजों की मौत हुई थी। अब संक्रमण से मृत्यु दर भी कम हो रही है। 


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आज देहरादून जिले में सबसे अधिक 79 कोरोना मरीज मिले हैं। नैनीताल में 47, पौड़ी में 38, हरिद्वार में 29, रुद्रप्रयाग में 23, चमोली में 23, ऊधमसिंह नगर में 18, टिहरी में 14, बागेश्वर में 10, चंपावत में आठ, उत्तरकाशी में छह, पिथौरागढ़ में पांच व अल्मोड़ा में चार कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। 

प्रदेश में दो कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में एक और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक मरीज ने दमतोड़ा है। मरने वालों की संख्या 1009 हो गई है। 
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