छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और युवा पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा का अनूठा संगम जिला स्तरीय युवा उत्सव में देखने को मिला। स्थानीय टाउन हॉल में आयोजित इस उत्सव में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने अपनी कला और हुनर से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में एक ओर सुवा और करमा नृत्य के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर रॉक बैंड की प्रस्तुति और लाइव चित्रकला ने आयोजन में आधुनिक रंग भर दिए।
युवा उत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा सभागार छत्तीसगढ़ी रंग में रंगा नजर आया। डिजिटल दौर में युवाओं का अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव भी आयोजन के दौरान देखने को मिला। विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
डिजिटल दौर में संस्कृति से जुड़ने का अवसर
पारंपरिक वेशभूषा में शामिल प्रतिभागी मुस्कान साहू ने कहा कि आज के भागदौड़ भरे डिजिटल दौर में अपनी संस्कृति, पहनावे और लोक धरोहर को करीब से जानने का यह एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का अवसर देते हैं।
राज्योत्सव के मुख्य मंच पर बालोद का प्रतिनिधित्व करेगी टीम
सुवा नृत्य में प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम की प्रतिभागी रोशनी साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी टीम ने प्रस्तुति के लिए दिन-रात मेहनत की थी। टीम के लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब उसे राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले राज्योत्सव के मुख्य मंच पर बालोद का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
युवा उत्सव की रौनक - फोटो : credit
युवा उत्सव की रौनक - फोटो : credit
युवा उत्सव की रौनक - फोटो : credit