दरभंगा के तारडीह प्रखंड स्थित जगदीश नारायण ब्रह्मचर्य आश्रम लगमा में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह मा. दत्तात्रेय होसबोले ने राष्ट्र, संस्कृति और एकता पर जोरदार उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि भारत का परिचय हिन्दू है, लेकिन यह परिचय किसी जाति, ऊंच-नीच या भेदभाव से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता से जुड़ा है।
होसबोले ने कहा कि भारत की मिट्टी चंदन है और यहां कंकर-कंकर में शंकर का वास है। हर बाला में सीता मैया और हर बच्चे में राम का अंश दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जिसे भारत माता कहा जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि देव-देवताओं से हिन्दुओं को अलग करने की साजिश क्यों रची जा रही है और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् बोलने में कुछ लोगों को संकोच क्यों होता है। होसबोले ने पाकिस्तान पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वह देश असत्य, स्वार्थ और दमन की नींव पर खड़ा है, इसलिए निरंतर संकट में है। उन्होंने नई पीढ़ी को जीवन मूल्यों की शिक्षा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर जानें क्या बोले?
सरकार्यवाह ने प्रधानमंत्री द्वारा सोमनाथ मंदिर में दो दिन तक साधना करने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल साधना नहीं है, बल्कि हजारों वर्षों के इतिहास और सांस्कृतिक चेतना को स्मरण करने का संदेश है। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव शरणार्थियों को अपनाया है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 52 इस्लामी देशों के होते हुए भी किसी ने उन्हें शरण नहीं दी, लेकिन भारत ने मानवता के नाते उन्हें आश्रय दिया।
दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि भारत को भारत बनाए रखना न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। भारत का स्वरूप हिन्दू संस्कृति पर आधारित है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जैसे परिवार को जोड़ने के लिए त्याग जरूरी होता है, वैसे ही देश को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को थोड़ा त्याग करना होगा।
अंत में उन्होंने सभी से एकता बनाए रखने और विपरीत परिस्थितियों में भी उठ खड़े होने का आह्वान किया।