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Vimal Sharma
Updated Thu, 21 May 2026 12:03 PM IST
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भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में पंचायत घर में सम्मेलन आयोजित किया। जिसमें गन्ना के एकमुश्त भुगतान और फार्मर आईडी की अनिवार्यता को स्थगित रखने के साथ साथ मुरादाबाद की एम्स की स्थापना जैसी मांगों पर चर्चा की गई। मांगों पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
सम्मेलन में भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा ने कहा कि किसानों से सांगठनिक एकता को बढ़ाने की अपील करते हुए मुरादाबाद की सीमावर्ती क्षेत्र में एक एम्स अस्पताल का होना बेहद आवश्यक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों इसके न होने से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में दिक्कत होती है। मुरादाबाद की सभी चीनी मिलों पर किसानों के गन्ने का संपूर्ण बकाया भुगतान एकमुश्त कराया जाना चाहिए।
उन्होंने गन्ना सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का मूल्य 600 प्रति क्विंटल करने की मांग की। राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि प्रदेश की विभिन्न प्लाईवुड कंपनियों द्वारा यूरिया की जा रही कालाबाजारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। प्रदेशाध्यक्ष चौधरी हरनाम सिंह वर्मा ने कहा कि किसानों के लिए फार्मर आईडी की अनिवार्यता तब तक स्थगित रखी जाए। जब तक गांव-गांव कैंप लगाकर सभी किसानों की फार्मर आईडी नहीं बना दी जाती।
प्रदेशाध्यक्ष (युवा) के चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड खातों से किसी भी फसल बीमा कंपनी की प्रीमियम राशि किसान की स्पष्ट सहमति के बिना न काटी जानी चाहिए। प्रत्येक बैंक शाखा में फसल बीमा कंपनी का एक सहायता काउंटर स्थापित होना चाहिए। केसीसी में तीन प्रतिशत सब्सिडी समायोजित कर ही भुगतान लिया जाना चाहिए। बिजली मीटर उनकी सहमति के बिना प्रीपेड न किए जाएं।
जिलाध्यक्ष चौधरी सतीश काजला ने कहा कि सभी जिलों में किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी जाए।निजी विद्यालयों की मनमानी पर अंकुश लगाते हुए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू की जानी चाहिए।इसके बाद किसानों ने डीएम कार्यालय जाकर सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सम्मेलन में विक्की चौधरी, संजीव सेहरावत आदि कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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