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अयोध्या: एक दिन के लिए गौरव चौहान बने प्रधानाचार्य, अरुण यादव ने संभाला उपप्रधानाचार्य का दायित्व
अयोध्या: अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में शिक्षक दिवस के अवसर पर सीबीएसई विद्यालय एलएसडीपी पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव कराने के लिए विशेष पहल की गई। विद्यालय में एक दिन के लिए छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रशासनिक एवं शिक्षण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिम्मेदारियां मिलते ही विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्व निभाए।
विद्यालय की इस अनूठी गतिविधि में कक्षा 12 के छात्र गौरव चौहान ने एक दिन के लिए प्रधानाचार्य की भूमिका निभाई, जबकि कक्षा 11 कॉमर्स के छात्र अरुण यादव को उपप्रधानाचार्य की जिम्मेदारी दी गई। दोनों विद्यार्थियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और शिक्षकों तथा अन्य विद्यार्थियों से संवाद कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया।
इसी क्रम में अनन्या जायसवाल ने शिक्षिका साक्षी जायसवाल, अनोखी वैश्य ने अर्चना सिंह, श्रेय शुक्ला ने शफक, अक्षिता सिंह ने रिंकी गुप्ता, वैभव यादव ने रविंद्र यादव, आर्यन प्रियदर्शी ने अकाउंटेंट वीके दुबे, आरिफा ने स्नेह वर्मा, सिद्धार्थ चौरसिया ने विवेकानंद शर्मा और श्रेय सिंह ने सुकन्या शुक्ला की भूमिका निभाई।
विद्यार्थियों ने अपने-अपने पद के अनुरूप विद्यालय की गतिविधियों में भाग लेकर यह समझा कि किसी संस्थान के संचालन में केवल आदेश देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि इसके लिए अनुशासन, समय प्रबंधन, निर्णय लेने की क्षमता और टीम के साथ बेहतर समन्वय जरूरी होता है। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और समस्याओं के समाधान की दिशा में सोचने का अवसर भी मिला।
विद्यालय के प्रधानाचार्य आदित्य पाठक ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करना भी है। ऐसी गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जब किसी दायित्व का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है तो वे कार्य की चुनौतियों और उसके महत्व को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
शिक्षक दिवस पर आयोजित यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए सीखने के साथ-साथ नेतृत्व का अनुभव हासिल करने का यादगार अवसर बनी।
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