झालावाड़ जिले के बकानी थाना क्षेत्र के करल गांव में करीब ढाई वर्ष पहले नरसिंह मंदिर में हुई चोरी की वारदात का रहस्य अब भी बरकरार है। पुलिस इस चोरी का अब तक खुलासा नहीं कर पाई है, लेकिन बुधवार को मंदिर से चोरी हुआ चांदी का सामान अचानक टुकड़ों के रूप में वापस मिलने से पूरे गांव में चर्चा का माहौल बन गया। मंदिर परिसर में मिली एक थैली में चांदी के आभूषणों के टुकड़ों के अलावा 2 हजार रुपये नकद और एक पत्र भी मिला है। बताया जा रहा है कि पत्र में चोरी करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर चोरी की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगी है। ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम को भगवान नरसिंह का चमत्कार मान रहे हैं। हालांकि सामान किस व्यक्ति ने वापस रखा और पत्र लिखने वाला कौन है, इसका अभी पता नहीं चल सका है।
मंदिर से चांदी के मुकुट समेत पूजा सामग्री हुई थी चोरी
जानकारी के अनुसार करीब ढाई वर्ष पहले करल गांव के बीच स्थित प्राचीन नरसिंह मंदिर में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर मंदिर से भगवान के चांदी के तीन मुकुट, एक छत्र, करीब 400 ग्राम चांदी के आभूषण, पीतल का सिंहासन और आरती सहित अन्य पूजा सामग्री चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी थी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से चोरी का जल्द खुलासा कर मंदिर का सामान बरामद करने की मांग की थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुलिस जल्द चोरों तक पहुंचेगी, लेकिन समय बीतने के बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका।
कथा के दौरान मंदिर में मिली संदिग्ध थैली
इसी बीच गांव के नरसिंह मंदिर में कथा का आयोजन चल रहा था। मंदिर के पुजारी मोहनलाल बैरागी ने बताया कि मंगलवार रात भजन संध्या के बाद बुधवार सुबह ग्रामीण देव-देवी का विमान लेकर बाहर गए थे। इसके बाद मंदिर परिसर में सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान मंदिर परिसर में एक थैली पड़ी दिखाई दी। पुजारी ने बताया कि उस समय थैली को प्रसादी समझकर एक तरफ रख दिया गया। शाम करीब पांच बजे जब वह मंदिर में पूजा-अर्चना की तैयारी कर रहे थे, तब उनकी नजर दोबारा उस थैली पर पड़ी। थैली खोलकर देखने पर उसमें चांदी के मुकुट सहित मंदिर से चोरी किए गए अन्य आभूषणों के टुकड़े मिले। सामान देखते ही पुजारी और ग्रामीण हैरान रह गए।
चांदी के सामान के साथ मिले 2 हजार रुपये और पत्र
थैली में 2 हजार रुपये नकद भी रखे हुए थे। इसके अलावा उसमें एक पत्र भी मिला। बताया जा रहा है कि पत्र में चोरी करने वाले व्यक्ति ने शराब के नशे में चोरी करने की बात स्वीकार की है और मंदिर से सामान ले जाने के लिए माफी मांगी है।
पत्र में मंदिर के क्षतिग्रस्त सामान की मरम्मत के लिए 2 हजार रुपये छोड़ने की बात लिखे होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि पत्र वास्तव में किसने लिखा है और थैली मंदिर परिसर में कौन छोड़कर गया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कोई इसे पश्चाताप तो कोई मान रहा चमत्कार
ढाई साल बाद चोरी का सामान इस तरह अचानक वापस मिलने से ग्रामीणों में कौतूहल बना हुआ है। कुछ ग्रामीण इसे चोर का पश्चाताप मान रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि भगवान नरसिंह ने खुद अपना सामान वापस मंगवाया है। फिलहाल चांदी के सामान को वापस रखने वाले व्यक्ति और पत्र लिखने वाले की पहचान स्पष्ट नहीं है। चोरी की पुरानी वारदात का पुलिस खुलासा भी अब तक नहीं हुआ है।