झालावाड़ तालाब हादसा: पांच घंटे के रेस्क्यू के बाद मिली दूसरी लाश, दो दोस्तों की मौत से पसरा मातम
झालावाड़ के दुर्गपुरा स्थित रेन बसेरा तालाब में रविवार रात नाव पलटने से लापता हुए दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ ने दो प्रयासों के बाद 27 वर्षीय विपिन उर्फ कल्लू सेन का शव तालाब से बाहर निकाला।
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रेन बसेरा तालाब में नाव पलटने से लापता हुए दोनों युवकों की तलाश आखिरकार पूरी हो गई है। रविवार रात हुए हादसे के बाद सोमवार को एक युवक का शव बरामद किया गया था, जबकि दूसरे की तलाश जारी थी। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दो प्रयासों के बाद दूसरे युवक कल्लू उर्फ विपिन सेन (27) का शव भी तालाब से बाहर निकाल लिया। शव को एसआरजी अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया गया। हादसे के बाद से ही परिजन और प्रशासन लगातार रेस्क्यू अभियान पर नजर बनाए हुए थे।
नाव पलटने से दो युवक हुए थे लापता
जानकारी के अनुसार, रविवार रात झालावाड़ शहर के पास करीब आधा दर्जन दोस्त दुर्गपुरा स्थित रेन बसेरा तालाब में नाव से घूम रहे थे। इसी दौरान नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव में कुल छह युवक सवार थे। इनमें से चार युवक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि कान्हा सेन (30) और विपिन उर्फ कल्लू सेन (27) तालाब में डूबने के बाद लापता हो गए। हादसे के बाद बाहर निकले युवकों ने परिजनों और पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने सिविल डिफेंस की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन देर रात तक दोनों युवकों का कोई पता नहीं चल सका।
सोमवार को मिला था कान्हा का शव
लापता युवकों की तलाश में सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने कान्हा सेन का शव तालाब से बरामद कर लिया। इसके बाद दूसरे युवक विपिन सेन की तलाश लगातार जारी रही। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया। दो प्रयासों के बाद टीम को सफलता मिली और विपिन उर्फ कल्लू सेन का शव भी तालाब से बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद शव को एसआरजी अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया। एसआरजी अस्पताल चौकी के हेड कांस्टेबल आशुतोष ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को बरामद दोनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
परिजनों ने कलक्टर से मांगे थे अतिरिक्त संसाधन
दूसरे युवक का पता नहीं चलने पर सोमवार शाम उसके परिजन और समाज के लोग मिनी सचिवालय पहुंचे थे। उन्होंने जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ से मुलाकात कर रेस्क्यू अभियान में अतिरिक्त संसाधन लगाने की मांग की थी। परिजनों ने जल्द से जल्द युवक का पता लगाने की मांग करते हुए नाराजगी भी जताई थी। इस पर जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि वह स्वयं रेस्क्यू अभियान की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एक तरफ आने से नाव में भर गया था पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार रात छह दोस्त तालाब में नाव से घूम रहे थे और मौज-मस्ती कर रहे थे। इसी दौरान सभी युवक नाव में एक तरफ आ गए, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और उसमें पानी भरने लगा। देखते ही देखते नाव पलट गई। नाव में सवार चार युवक किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए और उन्होंने घटना की जानकारी अपने परिजनों तथा पुलिस को दी। शुरुआती स्तर पर पुलिस ने सिविल डिफेंस के माध्यम से तलाश शुरू की, लेकिन रात में कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान संभाला और पहले सोमवार को कान्हा तथा मंगलवार सुबह विपिन का शव बरामद कर लिया। हादसे में दोनों युवकों की मौत के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं, रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने दोनों शवों को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।