किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य न मिलने के कारण प्रदेशभर में किसान नाराज हैं। अपनी फसलों के घटते दाम से परेशान किसानों ने बुधवार को उज्जैन जिले में मंडी गेट पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और सड़क जाम (चक्का जाम) कर दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
किसानों की सबसे बड़ी शिकायत सोयाबीन के दामों को लेकर है। मंडी में इस समय सोयाबीन केवल 2,500 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है, जबकि पहले इसे 4,000 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बेचा जाता था। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार बड़े-बड़े वादे तो कर रही है, लेकिन जमीन पर स्थिति कुछ और ही है।
इसके अलावा, बीज वाले सोयाबीन को भी व्यापारी औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। नाराज किसानों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखा है। वे चाहते हैं कि सरकार किसानों के खाते में बीघा के हिसाब से 20 हजार रुपये मुआवजे के रूप में जमा करें।
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किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे खेती करना बंद कर देंगे और उनका आंदोलन और तेज होगा। चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने सड़क जाम खोला और आवागमन सामान्य हो सका। हालांकि, किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।