कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के नर चीता शावक KNG-22 की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। चीता शावक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए गठित विशेष जांच समिति कूनो पहुंच गई है। जांच दल में केंद्रीय स्तर के वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अधिकारियों के साथ वन विभाग के राज्य, संभागीय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम ने सुबह से ही घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और दिनभर मौका मुआयना किया।
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले कूनो नेशनल पार्क के 19 महीने के नर चीता शावक KNG-22 की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच समिति गठित की गई है, जो चीता शावक की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
चीता शावक के पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से पांच छर्रे निकाले गए हैं। पोस्टमार्टम में सामने आए इस तथ्य ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच समिति अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चीता शावक को गोली किसने मारी, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे। जांच दल घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े पहलुओं का बारीकी से परीक्षण कर रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता घटना की वास्तविक वजह सामने लाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।
पढे़ं: मरीजों की जान पर आफत, गर्भवती और ऑपरेशन वाले मरीज कैसे पहुंचें वार्ड तक?
कूनो में चीता शावक की गोली मारकर हत्या की घटना ने चीता संरक्षण परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश में चीतों के पुनर्वास और संरक्षण के लिए चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के बीच इस तरह की घटना वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
विशेष जांच समिति के सामने घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की पड़ताल करने की चुनौती है। जांच के जरिए चीता परियोजना की साख पर उठ रहे सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। कूनो क्षेत्र में जांच के दौरान विशेष समिति में शामिल अधिकारी मीडिया से दूरी बनाते दिखाई दिए। दिनभर घटनास्थल पर जांच और मौका मुआयना करने के बाद भी अधिकारियों की ओर से मामले को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।
फिलहाल जांच समिति चीता शावक की मौत के कारणों की तलाश में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्य और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कूनो में चीता शावक की मौत ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।