नेशनल हाईवे-43 पर शहडोल-उमरिया के बीच बाईपास मार्ग पर बना करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत का पुल चालू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। मुड़ना नदी पर बने इस पुल में शनिवार सुबह करीब तीन फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा बड़ा छेद दिखाई दिया। स्थिति इतनी गंभीर है कि पुल की ढलाई का हिस्सा टूटकर नदी में जा गिरा है और ऊपर से नीचे पानी व नदी का हिस्सा साफ दिखाई दे रहा है।
पुल में बड़ा छेद, नीचे गिरा कंक्रीट का हिस्सा
राजा बाग से आगे बाईपास मार्ग पर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को देखकर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले भी इसी पुल के दूसरे हिस्से में कुछ दूरी पर इसी तरह का बड़ा छेद हो चुका था। अब दोबारा पुल क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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सड़क शुरू नहीं, फिर भी दौड़ रहे भारी वाहन
खास बात यह है कि संबंधित विभाग ने सड़क और पुल को अभी तक आधिकारिक रूप से आवागमन के लिए शुरू नहीं किया है। इसके बावजूद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जारी है और कई भारी वाहन भी पुल से गुजर रहे हैं। शनिवार सुबह क्षतिग्रस्त हिस्सा नजर आने के बाद स्थानीय लोगों ने खतरे को देखते हुए वहां संकेतक लगाकर वाहन चालकों को सावधान करने का प्रयास किया।
दोपहर तक नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
ग्राउंड जीरो पर पहुंची अमर उजाला की टीम ने देखा कि पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा खुला पड़ा है। इसके बावजूद एमपीआरडीसी या राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों की ओर से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था या तत्काल मरम्मत की कार्रवाई नजर नहीं आई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
ठेकेदार से कराएंगे मरम्मत
एमपीआरडीसी के प्रबंधक अवधेश सोनकर ने बताया कि सड़क और पुल अभी आधिकारिक रूप से शुरू नहीं किए गए हैं। पुल के जिस हिस्से में नुकसान हुआ है, उसकी मरम्मत के लिए ठेकेदार से कहा जाएगा। जल्द मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पुल की अनुमानित लागत दो करोड़ रुपये से अधिक है। यह मार्ग कटनी से गुमला और चांडिल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण NH-43 का हिस्सा है।