उज्जैन सिंहस्थ-2028 में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और उससे बनने वाले ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रशासन ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है। वर्ष 2025 में प्रयागराज कुंभ के दौरान बने लंबे जाम से सबक लेते हुए उज्जैन की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से रोकने और आगे भेजने की रणनीति तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में सीहोर सहित नौ जिलों में होल्डिंग एरिया विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
सीहोर में एक लाख श्रद्धालुओं को रोकने की तैयारी
प्रशासनिक योजना के अनुसार सीहोर में करीब एक लाख श्रद्धालुओं को होल्ड करने की क्षमता वाला बड़ा क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। यहां श्रद्धालुओं के अस्थायी ठहराव, वाहनों की पार्किंग, पेयजल, शौचालय, शेड, भोजन, चाय-नाश्ता और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। उद्देश्य स्पष्ट है—यदि उज्जैन और देवास मार्ग पर यातायात का दबाव अचानक बढ़ता है तो श्रद्धालुओं और वाहनों को सीधे जाम में फंसने देने के बजाय उन्हें सीहोर में नियंत्रित तरीके से रोका जा सके।
प्लेटफॉर्म नंबर-2 की ओर साइट का प्राथमिक निरीक्षण
सिंहस्थ और कुबरेश्वर धाम की संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे स्तर पर भी सीहोर स्टेशन की क्षमता और यात्री प्रबंधन को लेकर तैयारी की जा रही है। रतलाम मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार, होल्डिंग एरिया/स्टे निर्माण का कार्य IRCON (इरकॉन) द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए सीहोर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 की ओर स्थित साइट का मुआयना और प्राथमिक निरीक्षण किया जा चुका है। हालांकि यह अभी प्रारंभिक चरण की जानकारी है और अंतिम स्थल का निर्णय आगे की योजना एवं प्रशासनिक परीक्षण के बाद होगा। जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों का भी परीक्षण किया जा सकता है।
नौ जिलों में बनेगा भीड़ नियंत्रण का नेटवर्क
सिंहस्थ के दौरान केवल उज्जैन में भीड़ नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसी सोच के तहत सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और धार को योजना में शामिल किया गया है। इनमें सीहोर और धार को प्रमुख होल्डिंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से उज्जैन की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का बड़ा दबाव सीहोर होकर आने की संभावना है। ऐसे में सीहोर में भीड़ को नियंत्रित करना पूरे रूट के ट्रैफिक मैनेजमेंट की अहम कड़ी माना जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन बैठक, कलेक्टर को जिम्मेदारी
नौ जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक भी हो चुकी है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर संभावित होल्डिंग एरिया की जगह चिह्नित करने और वहां उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सीहोर प्रशासन को स्थल चयन, क्षमता, पार्किंग और आवश्यक सुविधाओं का विस्तृत प्लान तैयार कर शासन स्तर पर भेजना है।योजना का मूल मंत्र यही है कि श्रद्धालुओं को सड़क पर घंटों या दिनों तक जाम में खड़े रहने के बजाय सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान पर रोका जाए और यातायात सामान्य होने पर चरणबद्ध तरीके से आगे रवाना किया जाए।
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प्रयागराज में लगा लंबा जाम बना चेतावनी
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भारी संख्या में वाहनों और श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई थी। लंबी दूरी तक वाहनों की कतारें लगने से श्रद्धालुओं को घंटों ही नहीं, बल्कि कई मामलों में लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी। इसी अनुभव को सिंहस्थ-2028 की तैयारी में सबसे बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। प्रशासन अब भीड़ को सड़क पर जमा होने देने के बजाय पहले ही चरण में नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
रेलवे स्टेशन पर भी हाईटेक क्राउड मैनेजमेंट
रतलाम मंडल के अधिक भीड़ वाले स्टेशनों में सीहोर को भी महत्वपूर्ण स्टेशन माना जा रहा है। कुबरेश्वर धाम और सिंहस्थ के कारण यहां यात्रियों की संख्या में बड़े उछाल की संभावना है। रेलवे ने यात्रियों के आवागमन के पैटर्न, संभावित दबाव और संवेदनशील स्थानों का आकलन शुरू किया है। राइट्स के सर्वे के दौरान यात्रियों से बातचीत, ड्रोन सर्वे और जिला प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से यात्री दबाव का अध्ययन किया गया है। लक्ष्य है कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी या भगदड़ जैसी स्थिति पैदा न हो।
होल्डिंग एरिया में मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
प्रस्तावित व्यवस्था में श्रद्धालुओं के लिए शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, महिला-पुरुष शौचालय, कैंटीन, चाय-नाश्ता, भोजन और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। बड़े क्षेत्र में वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित हाईटेक होल्डिंग एरिया में बड़े वेटिंग एरिया, पर्याप्त सीटिंग, डिजिटल ट्रेन डिस्प्ले, बेहतर अनाउंसमेंट सिस्टम, पेयजल, फूड काउंटर, कैफेटेरिया, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाओं की परिकल्पना की गई है।
भीड़ बढ़ी तो सीहोर बनेगा ‘सेफ्टी बफर’
होल्डिंग एरिया का उद्देश्य श्रद्धालुओं को रोकना भर नहीं, बल्कि भीड़ के दबाव को नियंत्रित कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उज्जैन की ओर जाने वाले मार्गों पर यदि वाहनों की संख्या क्षमता से अधिक होती है तो सीहोर में श्रद्धालुओं और वाहनों को अस्थायी रूप से रोका जा सकेगा। यातायात सामान्य होने पर उन्हें चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।