महाराजपुर थाना क्षेत्र के संगम घाट पर नाविक संघ अध्यक्ष और गोताखोर राजकुमार नंदा उर्फ रज्जू नंदा की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह आपसी विवाद और बदले की भावना सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रम के दौरान आरोपियों और रज्जू नंदा के बीच शराब पीने के बाद विवाद हुआ था। विवाद के बाद आरोपी वहां से चले गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी विवाद को लेकर आरोपियों ने अगले दिन रज्जू नंदा की हत्या की साजिश रची।
सोते समय लोहे की रॉड से हमला
रज्जू नंदा संगम घाट स्थित अपनी झोपड़ी में अकेले सो रहे थे। आरोपियों ने निर्माणाधीन नए ब्रिज के पास पड़ी लोहे की रॉड उठाई और रात में झोपड़ी पहुंचकर उन पर हमला कर दिया। हमले में सिर, कनपटी, नाक और मुंह सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। सुबह रज्जू नंदा के भतीजे अंकित ने उन्हें लहूलुहान हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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परिजनों की शंका और पुलिस की जांच से खुला राज
घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान परिजनों ने दो लोगों पर संदेह जताया। पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ी पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और जांच के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपी संगम घाट क्षेत्र के रहने वाले
महाराजपुर थाना प्रभारी जयसिंह यादव के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नंदा उर्फ नंदा और राजेश बैरागी के रूप में हुई है। दोनों संगम घाट के बूढ़ी माई वार्ड क्षेत्र के रहने वाले हैं। घटना के बाद दोनों आसपास के क्षेत्र में छिपे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने तलाश कर पकड़ लिया। रज्जू नंदा नाविक संघ के अध्यक्ष होने के साथ-साथ गोताखोर भी थे। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई थी, जिसके लिए प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका था। पुलिस ने मामले में फॉरेंसिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।