बालाजी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा से कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और छात्रा के परिजन आमने-सामने आ गए हैं। परिजनों ने शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने भी छात्रा के अभिभावक पर स्कूल परिसर में हंगामा करने और मुख्य द्वार को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वृंदावन कॉलोनी निवासी दीपक सारण ने जिला पंचायत पहुंचकर जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी, जो बालाजी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती है, के साथ एक शिक्षिका ने मारपीट की। परिजनों के मुताबिक, बच्ची के घर लौटने पर उसकी पीठ पर लाल निशान दिखाई दिए। बच्ची ने भी शिक्षिका द्वारा मारपीट किए जाने की बात कही।
मामले में CCTV फुटेज भी विवाद का केंद्र बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से घटना का फुटेज दिखाने की मांग की थी। शुरुआत में फुटेज उपलब्ध कराने की बात कही गई, लेकिन बाद में इसे दिखाने से इनकार कर दिया गया। शिकायत में स्कूल पर खुद को CBSE पैटर्न का बताकर फीस लेने का आरोप भी लगाया गया है।
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दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन ने अभिभावक पर स्कूल के मुख्य द्वार को नुकसान पहुंचाने और परिसर में हंगामा करने का आरोप लगाया है। दीपक सारण ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि CCTV फुटेज में उनकी गलती साबित होती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्कूल प्राचार्य डॉ. सुनीता शेरावत ने बताया कि विद्यालय वर्तमान में MP बोर्ड से संबद्ध है और CBSE affiliation की प्रक्रिया जारी है। उनके अनुसार, प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आगे की कार्रवाई प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि मुख्य द्वार पर पहले CCTV कैमरा नहीं था, लेकिन अब स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों पक्षों की शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है।